लुधियाना आज जब पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और सरकारी कार्यालयों में तिरंगा फहराया जा रहा है वहीं लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा (देश के सबसे महंगे टोल में से एक) पर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की जंग छेड़ दी है। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) और भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) ने आज इस टोल को पूरी तरह फ्री करेंगे। एक तरफ राजधानी और जिलों में परेड हो रही है तो दूसरी तरफ किसान प्रशासन की वादाखिलाफी से नाराज हैं। उनकीं ओर से मुख माँग ससराली कॉलोनी बांध का अधूरा काम अगस्त की बाढ़ में टूटे सतलुज दरिया के बांध को 6 महीने बाद भी नहीं बनाया गया। किसानों की 300 एकड़ जमीन अभी भी बर्बादी की कगार पर है। वही किसान नेताओं इंद्रवीर सिंह कादियां और दिलबाग सिंह गिल का कहना है कि वे कई बार मांग पत्र दे चुके हैं लेकिन लालफीताशाही के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के साथ राहों रोड के निर्माण न होने और ट्रैफिक जाम से जनता त्रस्त है जिस पर प्रशासन मौन साधे बैठा है। आज की रणनीति: आर-पार की लड़ाई किसान नेताओं का साफ कहना है कि जहाँ आज सरकारें संविधान और अधिकारों की बात कर रही हैं वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि किसान आज भी अपनी सुरक्षा (बांध निर्माण) के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर है। अगर आज हमारे मसले हल नहीं हुए, तो लाडोवाल टोल से ही अगली बड़ी रणनीति का बिगुल बजेगा । आज टोल फ्री होने की खबर से नेशनल हाईवे पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है वहीं पुलिस प्रशासन भी इस प्रदर्शन को देखते हुए हाई अलर्ट पर है।


