कोर्ट ने कहा:विवेचना अधिकारी ने फर्जी रसीदों पर दर्ज हैंडराइटिंग की जांच नहीं की

फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाने के 5 आरोपियों को भोपाल कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में विवेचना अधिकारी ने त्रुटिपूर्ण, यानी गलत, जांच की है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने आरोप लगाया था कि आरोपियों द्वारा फर्जी रसीदों से मैरिज ब्यूरो के नाम पर पैसे ऐंठे गए हैं। लेकिन पुलिस ने इन रसीदों पर की गई लिखावट की कोई जांच नहीं कराई है। वहीं, जिन दस्तावेजों की जांच कराई गई है, उन दस्तावेजों के द्वारा फ्रॉड करना ही नहीं पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में आमिर खान, जावेद खान, धर्मेंद्र राजपूत, संतोष पचौरी और पूजा वर्मा को आरोपी बनाया था। आरोपियों की ओर से एडवोकेट जगदीश गुप्ता ने पैरवी की है। गांव में शादी कराने वाले मैरिज ब्यूरो के पर्चे बंटे थे घटना 28 दिसंबर 2014 और उससे पहले की है। पीड़ित बाबूलाल पाटीदार ने कोलार थाने में शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनकी शादी नहीं हुई है। उनके गांव में शादी कराने वाले मैरिज ब्यूरो के पर्चे बंटे थे। इसके बाद उन्होंने ब्यूरो के लोगों से संपर्क किया। इस दौरान पहले उनसे 16 हजार रुपए जमा करा लिए गए। इसके बाद उनको भोपाल बुलाया गया। यहां से उनको कोलार स्थित मैरिज ब्यूरो ले जाया गया। इसके बाद उनकी फर्जी शादी कराई गई और 11 हजार रुपए, यानी कुल 27 हजार रुपए, ले लिए गए थे। इसके बाद आरोपी उनको फर्जी केस में फंसाने की धमकी देते थे। जिनके साथ शादी का फ्रॉड, उनको गवाह नहीं बनाया इस मामले में तीन अन्य लोग, राजेंद्र नागर, हेमंत पुरोहित और विक्रम राठौर, के साथ भी शादी के नाम पर फ्रॉड हुआ था। लेकिन पुलिस ने इस मामले में तीनों पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कराया है। साथ ही चालान में भी तीनों को गवाह नहीं बनाया है। कोर्ट का कहना है कि ऐसे में पुलिस की जांच में संदेह पैदा होता है। कोर्ट ने कहा- पैसे लेने वाली एक महिला थी, पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि केस में सामने आया है कि फर्जी रसीदों के जरिए फ्रॉड किया गया है। लेकिन जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने पैसे नहीं लिए थे। इस मामले में पैसे संध्या नाम की महिला ने लिए थे। लेकिन पुलिस ने संध्या नाम की किसी भी महिला को केस में आरोपी ही नहीं बनाया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *