भिंड में महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शिव बारात को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार शाम गौरी तालाब स्थित महाकाली मंदिर पर सर्व समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिव बारात के स्वरूप और कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 वर्षों से निरंतर निकल रही शिव बारात में इस बार कई नए और भव्य आकर्षण जोड़े जाएंगे। आयोजकों ने बताया कि इस बार पहली बार 12 फीट ऊंचा और 6 फीट गोलाकार विशाल शिवलिंग तथा करीब 17 फीट लंबी नंदी महाराज की प्रतिमा बारात में शामिल की जाएगी। शिव बारात में कुल 18 रथों पर भव्य झांकियां सजेंगी, साथ ही एक दर्जन से अधिक बैंड-बाजे और 6 से ज्यादा डीजे शामिल रहेंगे। पूरे शहर से श्रद्धालु बारात में सहभागिता करेंगे। इस वर्ष शिव बारात की सबसे खास बात यह रहेगी कि पहली बार अघोरी साधुओं की टोली भी बारात में शामिल होगी। भक्त भूत-प्रेत के रूप धारण कर भगवान शिव की आराधना करते हुए चलेंगे। आसपास के जिलों सहित भिंड के साधु-संतों को भी आमंत्रित किया गया है। शिव बारात 15 फरवरी को कालेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी, जहां प्रतीकात्मक शिव-पार्वती विवाह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम से एक दिन पहले 14 फरवरी को महाकाली मंदिर में मंडप, हल्दी सहित अन्य वैवाहिक रस्में निभाई जाएंगी। इस दौरान खटीक समाज द्वारा लगुन (फलदान) उत्सव मनाया जाएगा। महिलाओं द्वारा भात, कढ़ी और विवाह गीत गाए जाएंगे तथा संगीत कार्यक्रम भी आयोजित होगा। बैठक में समाज के वरिष्ठ जन मौजूद रहे। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समाजसेवी एवं भाजपा नेता रमेश दुबे ने बताया कि यह आयोजन पिछले 18 वर्षों से शहर में आस्था और उत्साह के साथ किया जा रहा है और इस बार भी शिव बारात अपने अद्भुत स्वरूप से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।


