हरदा में नर्मदा जयंती के अवसर पर नार्मदीय ब्राह्मण समाज ने रविवार देर शाम मां नर्मदा की महाआरती का आयोजन किया। गंगा आरती की तर्ज पर हुई इस भव्य आरती में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े। समाज के युवाओं ने आकर्षक वेशभूषा में आरती की, जिसका मार्गदर्शन पंडितों ने किया। इस आयोजन के दौरान हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा आरती की शैली अपनाई गई। जयंती महोत्सव में शामिल सामाजिक बंधुओं ने नर्मदा अष्टक का पाठ किया। इस अवसर पर नौ नन्ही बालिकाओं को मां नर्मदा सहित अन्य देवियों के रूप में सजाया गया, जो पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। आरती से पहले समाज के ज्वलंत मुद्दों पर सामूहिक परिचर्चा की गई। इसमें समाज के सामने आ रही चुनौतियों को आपसी सहमति से हल करने पर विचार-विमर्श हुआ। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत सामाजिक चर्चा के दौरान रीति-रिवाज, तलाक और खर्चीली शादियों जैसे विषयों पर भी विचार व्यक्त किए गए। सुबह निकाली गई शोभायात्रा में शामिल 21 महिलाओं को लकी ड्रा के माध्यम से पुरस्कार प्रदान किए गए। शाम को पर्यावरण की शुद्धि के लिए अग्निहोत्र का आयोजन हुआ। सफल आयोजन के अंत में मुख्य ट्रस्टी अशोक पाराशर, महिला अध्यक्ष किरण काशिव और युवा अध्यक्ष अक्षय नेगी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक लोग उपस्थित रहे। इसी कार्यक्रम के दौरान स्व. उमाशंकर पारे की स्मृति में उनके पुत्रों राजेंद्र, शिवकुमार और विजय पारे ने समाज के उन्नत कृषक रोहित काशिव सामरधा को सम्मानित किया और उन्हें राशि भेंट की।


