लव मैरिज वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार होगा:रतलाम के पंचेवा में न पंडित पूजा कराएंगे, न दूधवाले-नाई आएंगे; काम पर भी कोई नहीं रखेगा

रतलाम के गांव पंचेवा में लव मैरिज करने वाले परिवारों का बहिष्कार किया जाएगा। जो लड़का-लड़की भाग कर शादी करेंगे उनके घर न तो दूध जाएगा और नहीं कोई सामग्री। पंडित, नाई लेकर कोई उस परिवार में काम नहीं करेगा। अगर जिसने भी भाग कर शादी करने वाले लड़का-लड़की के परिजनों का साथ दिया तो उसका सामाजिक बहिष्कार कर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह फैसला ग्राम के पंचों के साथ ग्रामवासियों ने लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। वीडियो की जांच में जुटे है। दरअसल पूरा मामला रतलाम के पिपलौदा तहसील के गांव पंचेवा का है। गांव में तीन दिन पूर्व पंचों व ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया कि गांव के जो भी लड़का-लड़की भागकर लव मैरिज करते हैं उनके परिवार का गांव में बहिष्कार किया जाएगा। गांव में उन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं मिलेगी। प्रतिबंध लगाने का वीडियो रविवार को सामने आया। इसके बाद जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल ने पिपलौदा जनपद सीईओ बह्मस्वरूप हंस को भेजा। उन्होंने ग्रामीणों से बात की। साथ ही इस फैसले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई की बात कही। वीडियो में गांव का एक व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर ग्रामीणों व पंचों द्वारा लिए गए फैसले को अंतिम रूप देते हुए प्रतिबंध के बिंदू बता रहा है। वह बोल रहा है समस्त ग्रामवासी पंचेवा द्वारा यह फैसला लिया है कि पंचेवा में जो भी बालक-बालिका भाग कर शादी करने पर उसके व उसके परिवार पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके बाद वह अलग-अलग प्रतिबंध बता रहा है। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद है। ग्रामीणों की बैठक के तीन से चार वीडियो सामने आए है। यहां तक गांव में जिन लोगों के लड़के-लड़कियों ने भाग कर लव मैरिज की है उन लोगों के नाम भी लिए है। इससे उन लोगों में भी आक्रोश है। परिवार को नहीं मिलेगा रोजगार अधिकारी पहुंचे, लेकिन समझाकर आ गए
वीडियो आने के बाद रविवार शाम जनपद के अधिकारी गांव में पहुंचे ग्रामीणों से बात की। इस दौरान गांव के सरपंच भी मौजूद रहे। लेकिन पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरुप हंस ग्रामीणों के साथ कुर्सी पर बैठे रहे। जबकि सरपंच पीछे चुपचाप खड़े रहे है। यहां तक वीडियो में जिन लोगों के नाम लेकर बहिष्कार करने की बात कही उन लोगों में भी आक्रोश है। रतलाम आकर वह लोग कलेक्टर को इस फैसले के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। वीडियो आने के बाद पलटे लोग
वीडियो सामने आने के बाद इस तुगलकी फरमान को लेकर विरोध भी सामने आने पर ग्रामीणों ने पंचों का फैसला बताया है। ताकि आगे दूसरे लोगों को इस तरह का बढ़ावा नहीं मिले। गांव वालों का यह भी कहना है कि पिछले 5 से 6 माह में 7 से 8 लड़के-लड़कियों ने भाग कर शादी की है। इससे उनके बच्चों पर असर पड़ रहा है। वीडियो के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। कई लोगों ने इसे संविधान विरोधी फैसला भी बताया है। एसडीएम ने कॉल रिसीव नहीं किया
इस मामले को लेकर जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल को कॉल व मैसेज भी किया। लेकिन उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं दिया। पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरुप हंस को भी कॉल किया। लेकिन उन्होंने भी रिसीव नहीं किया।

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