चूरू में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सर्द हवाओं के कारण खेतों और घरों के बाहर रखे बर्तनों में पानी जम गया।
कड़ाके की ठंड का असर चौथे दिन भी बना रहा। सोमवार सुबह घांघू गांव के खेतों में सामान से ढके तिरपाल पर बर्फ की चादर जम गई। घरों के बाहर रखे बर्तनों का पानी भी बर्फ में बदल गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 26-27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 26 जनवरी को दोपहर बाद राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
27 जनवरी को भी इस तंत्र का सर्वाधिक असर रहेगा। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। 27 जनवरी से राज्य में चल रही शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।


