पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कांटेक्ट वर्कर यूनियन पंजाब द्वारा आज गणतंत्र दिवस के मौके पर फाजिल्का जिले के बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन किया गया। बताया जा रहा है कि आज अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर पीआरटीसी पान-बस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के कर्मचारी धरने पर बैठ गए और बस स्टैंड का गेट बंद करते हुए गेट रैली की। इस दौरान राहगीरों का परेशानी का सामना करना पड़ा। जनता को हकों के लिए आजादी नहीं डिपू प्रधान रविंद्र सिंह और सचिव मनप्रीत सिंह ने बताया कि देश में आज गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। आज भी पंजाब में आम जनता को संविधान तहत अपने हकों के लिए शांत-मई ढंग से संघर्ष कर मांग करने की आजादी नहीं है। और उन्हें अपने हक नहीं दिए जा रहे है। कभी किसानों पर लाठीचार्ज और पर्चे, कभी मजदूर मुलाजिम जत्थेबंदियों पर पर्चे, कभी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर पत्रकार भाईचारे पर पर्चे और अब पनबस के कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करके संगरूर में नाजायज ढंग से उन्हें जेल में बंद कर आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। तानाशाही रवैये पर उतरी सरकार उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान लगता है कि आज भारत के राज्य पंजाब के अंदर नहीं किसी और देश में रह रहे हैं, जहां आम जनता को संविधान के तहत अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार तानाशाही रवैये पर उतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आज के दिन ही संविधान तहत लोगों को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने वोट डालने का अधिकार दिया था, जिसको दबाया नहीं जा सकता। साथियों की रिहाई की रखी मांग सरकार चुनने का अधिकार भी लोगों के पास है, इसलिए सरकार को पंजाब के लोगों को दबाने और डराने की बजाय भारत के विशाल संविधान के तहत लोगों को उनके बनते हक देने चाहिए। उन्होंने अपने साथियों की रिहाई की मांग की और सुनवाई न होने की सूरत में संघर्ष को तेज करने की चेतावनी दी।


