बजट में राजस्थान को क्या मिला?:टैक्स में 85 हजार करोड़ मिलेंगे, क्रेडिट कार्ड पर 5 लाख की लिमिट से लाखों किसानों को फायदा

केंद्र सरकार ने बजट में राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर में सड़क और पेयजल प्रोजेक्ट्स के कर्ज के लिए गारंटी देने की घोषणा की है। राजस्थान स्टेट हाईवे को 321.21 करोड़ रुपए, राजस्थान ग्रामीण पेयजल वितरण को 255 करोड़ रुपए, राजस्थान स्टेट हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए इस बजट में लोन की गारंटी दी गई है। राजस्थान को इस बार केंद्रीय करों में से अपनी हिस्से की राशि के तौर पर पिछली बार से 10 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिलेंगे।अगले वित्त वर्ष में केंद्र सरकार 14 लाख 22 हजार करोड़ राज्यों को देगी। इसमें राजस्थान को 85 हजार 716 करोड़ रुपए मिलेंगे। राजस्थान से केंद्रीय करों की वसूली का जो पैसा केंद्र सरकार के पास जाता है। उसका 6.26 प्रतिशत हिस्सा बजट में राजस्थान को हिस्सा राशि के रूप में वापस लौटाया जाता है। पिछले बजट में केंद्रीय करों की हिस्सा राशि 75047.76 करोड़ रुपए थी। किस सेंट्रल टैक्स से कितनी राशि मिलेगी?
राजस्थान को कॉर्पोरेशन टैक्स से 23934.98 करोड़ रुपए, इनकम टैक्स से 31936.24 करोड़ रुपए, सेंट्रल जीएसटी से 24954.27 करोड़ रुपए, कस्टम्स से 3945.35 करोड़ रुपए और यूनियन एक्साइज से 819.64 करोड़ रुपए हिस्सा राशि के तौर पर मिलेंगे। राजस्थान के लाखों किसानों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ने का फायदा
केंद्र सरकार ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लोन की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का ऐलान किया है। इससे राजस्थान के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। केसीसी कार्ड की अवधि 5 साल की होती है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में शुरू की गई थी। इसके तहत खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों में लगे किसानों को 9 फीसदी ब्याज दर पर अल्पकालिक फसल लोन दिया जाता है। सरकार किसानों को ब्याज पर 2 फीसदी छूट देती है। समय से लोन चुकाने वाले किसानों को ब्याज में बतौर प्रोत्साहन 3 फीसदी कमी और कर दी जाती है। इस तरह किसानों को सालाना 4 फीसदी दर पर कर्ज मिल जाता है। लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा 30 हजार तक का लोन
पीएम स्व-निधि योजना के तहत अपना स्ट्रीट फूड बिजनेस शुरू करने वालों के लिए अब बैंक लोन की अधिकतम सीमा 30 हजार रुपए कर दी गई है। अब तक 10 हजार रुपए तक का लोन मिलता था। इससे राजस्थान के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स ज्यादा लोन लेकर अपने व्यापार को बढ़ा सकेंगे। पीएम स्व-निधि योजना का फायदा ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स को मिलता है जो अपना स्ट्रीट फूड बिजनेस शुरू करना चाहते है। केंद्रीय बजट में अब स्ट्रीट वेंडर्स को एक साल के लिए 30 हजार रु. तक बिना गारंटी वाला लोन मिलेगा। समय पर लोन चुकाने वाले वेंडर्स को 7% तक की ब्याज सब्सिडी मिलती है। राज्य को ब्याज मुक्त कर्ज और पावर सेक्टर में सुधार के लिए मिलेगी सहायता
केंद्रीय बजट में राजस्थान को पूंजीगत विकास के लिए ब्याज मुक्त कर्ज देने और पावर सेक्टर में सुधार के लिए विशेष सहायता देने का प्रावधान किया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को बढ़ाने, पावर सेक्टर रिफॉर्म के लिए विशेष सहायता देने और राज्य को पूंजीगत निवेश के लिए ब्याज मुक्त कर्ज देने के प्रस्ताव दिए थे, इन प्रस्तावों को केंद्रीय बजट में मंजूरी दे दी है। गहलोत बोले- राजस्थान को बजट में कुछ नहीं मिला
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- बजट में राजस्थान को कुछ नहीं मिला। राजस्थान पर बार-बार आरोप लगाए गए कि यहां जल जीवन मिशन में धीमा काम हो रहा है जबकि हमारे यहां की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। आज केंद्र सरकार ने ही इस मिशन की समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी है, जो पहले 2022 और फिर 2024 की गई थी। इससे साफ होता है कि केन्द्र सरकार ने पहले बिना प्लानिंग के इस योजना को शुरू कर दिया, जिसके कारण इसकी समय सीमा बार-बार बढ़ाई जा रही है। डोटासरा ने बजट को लेकर ये आरोप लगाए

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