जैसलमेर में बादलों ने किया ‘कोल्ड टॉर्चर’:आज बारिश के आसार; जीरा-सरसों की फसल पर संकट

जैसलमेर जिले में कड़ाके की सर्दी का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार के बाद सोमवार को भी लगातार दूसरे दिन बादल छाए। ग्रामीण इलाकों और कृषि बेल्ट में भारी ‘पाले’ का असर देखा गया। चांधन, लाठी और मोहनगढ़ क्षेत्र में सुबह खेतों में खड़ी फसलों, झाड़ियों और सड़कों पर खड़ी बाइकों की सीटों पर ओस की बूंदें बर्फ की सफेद चादर में तब्दील हो गईं। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 26-27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से सोमवार दोपहर बाद जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद यदि आसमान साफ होता है, तो सर्दी और अधिक बढ़ेगी। सामान्य से 6 डिग्री नीचे लुढ़का पारा मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से गलन बढ़ गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री रहा। दिन और रात के तापमान में महज 12 डिग्री का अंतर रहने से दिन भर ठिठुरन बनी रही। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे सूरज के तेवर नरम रहे और लोग अलाव तापते नजर आए। किसानों की बढ़ी चिंता: जीरा-सरसों पर खतरा लगातार बर्फ जमने से जिले के अन्नदाता बेहद चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पाला पड़ने से जीरे और सरसों की फसल के फूल झड़ने और फलियों के सिकुड़ने का डर रहता है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 26-27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आज दोपहर बाद जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद यदि आसमान साफ होता है, तो सर्दी और अधिक बढ़ेगी। अगले 72 घंटे शीतलहर से राहत की संभावना नहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटों तक शीतलहर से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें या हल्की सिंचाई करें। कड़ाके की इस ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

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