फलोदी में गणतंत्र दिवस समारोह मेजर शैतान सिंह स्टेडियम में हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान पूरा स्टेडियम राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा दिखा। समारोह में विधायक पब्बाराम विश्नोई, कलेक्टर श्वेता चौहान, एसपी कुंदन कंवरिया, एडीशनल एसपी ब्रजराज सिंह चारण और एसडीएम पूजा चौधरी सहित जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। ध्वजारोहण के बाद मुख्य अतिथि खींवसर ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान लगातार प्रगति कर रहा है और नवगठित फलोदी जिला भी तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। खींवसर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और जनकल्याणकारी योजनाओं में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। एसडीएम पूजा चौधरी ने राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया और समारोह की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रमों की शुरुआत सामूहिक व्यायाम के शानदार प्रदर्शन से हुई। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय एसएमबी की छात्राओं ने ‘जग जीतिया’ गीत पर प्रभावशाली सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद राउमाविद्यालय ने राजस्थानी घूमर, मॉडल स्कूल ने बैंड धुन और लेशियम डांस प्रस्तुत किया। मलखंभ का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। ग्लोबल इंटरनेशनल के विद्यार्थियों ने ‘तेरा हिमालय आकाश छू ले’ और ‘गूंज रहा हिंदुस्तान’ जैसे देशभक्ति गीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। एलएम ढढ्ढा स्कूल के बच्चों ने जिम्नास्टिक का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन आदर्श विद्या मंदिर की बालिकाओं द्वारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ हुआ। सम्मान समारोह और झांकियां
समारोह के दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए एसडीएम पूजा चौधरी सहित चार दर्जन से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवियों और कलाकारों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई आकर्षक झांकियों ने सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से दर्शाया, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहीं। कार्यक्रम का संचालन विशम्भर थानवी, मुनेश ढाका और सईराम मांजू ने किया।
स्वतंत्रता सैनानियों के परिजनों की नाराजगी
जहां एक ओर समारोह उल्लासपूर्ण रहा, वहीं दूसरी ओर आमंत्रित स्वतंत्रता सैनानियों के परिजनों ने सम्मानित नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। परिजनों का कहना था कि उन्हें हर वर्ष की तरह इस बार भी सम्मानित किए जाने की बात कहकर आमंत्रित किया गया, लेकिन समारोह में बुलाकर सम्मान नहीं देना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय में संवेदनशीलता दिखाने की मांग की।


