टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में शिक्षा विभाग के एक लिपिक की हत्या के विरोध में सोमवार को लोगों ने फिर से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। यह घटना जमीनी विवाद को लेकर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव ने घटना के तुरंत बाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस ने भगवानदास यादव, अंकित यादव और किरण यादव को भी गिरफ्तार किया। आज सुबह करीब 10 बजे से लोग खरगापुर में धरने पर बैठे हैं। मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह और एसडीओपी राहुल कटरे सहित भारी पुलिस बल तैनात है, जो परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब शिक्षा विभाग में कार्यरत सुनील रुसिया की फावड़े से मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी सुरेंद्र यादव ने हत्या के बाद स्वयं ही थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी थी। घटना के विरोध में लोगों ने देर रात भी जाम लगाया था। हत्या के बाद आरोपी सुरेंद्र ने सुनील के शव को पास के एक कुएं में फेंक दिया था। बताया जा रहा है कि मृतक सुनील रूसिया ने घटनास्थल पर जमीन खरीदकर प्लॉटिंग की थी। वहां एक व्यक्ति द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा था, जिसे सुरेंद्र ने रोक दिया था। इसी बात को लेकर सुनील को मौके पर बुलाया गया, जहां सुरेंद्र के परिजनों से उसका विवाद हुआ और फिर सुरेंद्र ने उसकी हत्या कर दी। मृतक सुनील के दो छोटे बच्चे और एक छोटा भाई है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि आरोपियों ने बच्चों को अनाथ कर दिया है और ऐसे लोगों के घर बुलडोजर से गिराए जाने चाहिए। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों और धरने पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास लगातार जारी है।


