रणथंभौर (सवाई माधोपुर) टाइगर रिजर्व में शिकार के अलग-अलग वीडियो अक्सर सामने आते रहते हैं। इनमें कुछ ऐसे शिकार होते हैं जो बहुत ही कम सुने व देखे गए होते हैं। ऐसे ही एक शिकार शनिवार को हुआ। इसमें बाघिन टी-124 रिद्धि टूरिस्टों के सामने भारी-भरकम कछुए को मुंह में दबाकर भाग गई। रिद्धि ने ये शिकार जोन-नं 3 में शाम करीब 4 बजे किया। पूरे शिकार को कैप्चर करने वाले टूरिस्टों का कहना था कि उन्होंने इस तरह का शिकार पहले कभी नहीं देखा। बाघिन को आता देख कछुए ने खुद को छुपाया
दरअसल, रणथंभौर टाइगर रिजर्व में शनिवार शाम की पारी में पर्यटक जोन नंबर 3 में सफारी पर गए थे। यहां उन्हें लेक एरिया में बाघिन रिद्धि दिखी। इसी दौरान बाघिन का सामना एक धूप सेकते कछुए से हो गया। धीरे-धीरे बाघिन कछुए के पास पहुंची। खतरे को देखकर कछुए ने अपने शरीर को खोल में छिपा लिया। पहले निहारा, फिर सूंघा, फिर हमला
इस दौरान बाघिन ने कछुए को पहले निहारा, फिर सूंघा। इसके बाद बाघिन ने कछुए को अपना शिकार बना लिया। बाघिन ने कछुए को झाड़ियों में जाकर खाया। रिद्धि ने पूरा शिकार महज 90 सेकंड में किया। पर्यटकों ने इस वाकये को अपने कैमरे में कैद कर लिया। जिसे एक पर्यटक ने दैनिक भास्कर के साथ शेयर किया है। बाघिन ऐरोहेड की बेटी है रिद्धि बाघिन टी-124 रिद्धि, बाघिन टी-84 ऐरोहेड की बेटी है। जिसकी उम्र करीब 7 साल है। बाघिन रिद्धि अब तक 2 बार मां बन चुकी है। बाघिन रिद्धि की टेरेटरी रणथंभौर के जोन नंबर 3 और 4 में है। अक्सर यह जोन 3 के लेकर एरिया ज्यादातर देखी जाती है। इससे पहले बाघिन रिद्धि मगरमच्छ और जंगली सूअर का भी शिकार कर चुकी है। फिलहाल बाघिन अपने 3 शावकों के जोन 3 और 4 में नजर आती है। …….. रणथंभौर में टाइगर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… रणथंभौर में 2 बाघों की लड़ाई में 1 की मौत:गले पर दांतों के गहरे निशान, गर्दन-पैर पर पंजे मारे; झाड़ियों में मिला शव रणथंभौर नेशनल पार्क में 2 बाघों की लड़ाई में 1 बाघ की मौत हो गई। सोमवार को सुबह वन कर्मियों ने ट्रैकिंग के दौरान झाड़ियों में साढ़े 3 साल के बाघ का शव पड़ा देखा। पूरी खबर पढ़िए…


