लखनऊ के पान में बनारस की खुशबू दिखाई दी। कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी में महिंद्रा सनतकदा प्रदर्शनी के दूसरे दिन चौक की मशहूर पान की दुकान ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। दुकान पर युवाओं की लंबी कतार देखने को मिली, जहां हर कोई पान के अनूठे स्वाद का आनंद लेने के लिए उत्सुक था। दुकान के मालिक हरिशंकर दिक्षित ने बताया कि हमारी दुकान तीन पीढ़ियों से लगाते आ रहे हैं । यह दुकान 1956 में हमारे दादा जी ने शुरू की थी, जो आर्मी से रिटायर थे। 67 वर्षों के इस सफर में कई नेताओं ने यहां का पान खाकर संसद का सफर तय किया हैं। जिन प्रतिष्ठित लोगों में पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी और बिहार/मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व लालीजी टंडन जैसी हस्तियां का नाम शामिल हैं। वर्तमान में लखनऊ में उनकी तीन दुकानें हैं, जो स्थानीय लोगों को रोजगार दे रही हैं। यहां का मीठा पान, गिलोरी पान और जयपुरी गिलोरी पान विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इनमें गिलोरी पान सबसे अधिक लोकप्रिय है। पान के स्वाद और कीमत की तारीफ अमीनाबाद से प्रदर्शनी देखने आए वकाश ने कहा, पान खाने के बाद मुंह में ताजगी सी आ जाती है, यह सच में लाजवाब है। वहीं, गोमती नगर से आए संजय मिश्रा ने पान की गुणवत्ता की तारीफ करते हुए कहा, पान का स्वाद और इसके खाने में एक अलग ही मजा है। शिखा जैन ने भी पान की तारीफ करते हुए कहा, हमने शौक से पान खाया और यह सच में बहुत अच्छा था। इसकी क्वालिटी वाकई में शानदार है और कीमत के हिसाब से बहुत वैल्युएबल है। पान की दुकान स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय चौक की यह पान दुकान न केवल स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गई है। बनारसी तड़के के साथ लखनऊ का यह पान अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।


