लव मैरिज वाले परिवारों के बहिष्कार का फैसला:रतलाम में पंचायत ने कहा- न पंडित पूजा कराएंगे, न दूधवाले-नाई आएंगे; काम पर भी नहीं रखेंगे

रतलाम के गांव पंचेवा में पिछले 6 महीनों में 8 लड़के-लड़कियों ने घर से भागकर शादी कर ली। इससे नाराज पंचायत ने लव मैरिज करने वाले परिवारों के बहिष्कार का फैसला सुनाया है। इसमें कहा है- जो लड़का-लड़की भाग कर शादी करेंगे उनके घर न तो दूध जाएगा और न ही कोई सामान। पंडित और नाई से लेकर कोई उस परिवार के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। साथ देने वालों का भी सामाजिक बहिष्कार कर प्रतिबंध लगाया जाएगा। फैसला पिपलौदा तहसील के पंचेवा में 3 दिन पहले पंचों और ग्रामीणों की हुई बैठक में लिया गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल ने पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरूप हंस को गांव भेजा। उन्होंने ग्रामीणों से बात की। साथ ही इस फैसले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई की बात कही। ग्रामीणों की बैठक के तीन से चार वीडियो सामने आए
वीडियो में गांव का एक व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर ग्रामीणों और पंचों द्वारा लिए गए फैसले को अंतिम रूप देते हुए प्रतिबंध के पॉइंट​​​​​ बता रहा है। वह कह रहा है समस्त ग्रामवासी पंचेवा द्वारा यह फैसला लिया है कि पंचेवा में जो भी बालक-बालिका भाग कर शादी करने पर उसके व उसके परिवार पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके बाद वह अलग-अलग प्रतिबंध बता रहा है। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद है। ग्रामीणों की बैठक के तीन से चार वीडियो सामने आए है। यहां तक गांव में जिन लोगों के लड़के-लड़कियों ने भाग कर लव मैरिज की है उन लोगों के नाम भी लिए है। इससे उन लोगों में भी आक्रोश है। लव मैरिज पर गांव में सामाजिक बहिष्कार के नियम अधिकारी पहुंचे, समझाइश देकर निकल गए
वीडियो आने के बाद रविवार शाम को जनपद पंचायत के अधिकारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। इस दौरान सरपंच भी मौजूद रहे। पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरूप हंस ग्रामीणों के साथ कुर्सी पर बैठे रहे। जबकि सरपंच पीछे चुपचाप खड़े रहे है। यहां तक वीडियो में जिन लोगों के नाम लेकर बहिष्कार करने की बात कही, उन लोगों में भी आक्रोश है। रतलाम आकर वे लोग कलेक्टर को इस फैसले के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। ग्रामीण बोले- 7-8 लड़के-लड़कियों ने भागकर शादी की
वीडियो सामने आने के बाद विरोध सामने आने पर ग्रामीणों ने इसे पंचों का फैसला बताया, ताकि आगे दूसरे लोगों को इस तरह का बढ़ावा न मिले। गांववालों का यह भी कहना है कि पिछले 6 माह में 8 लड़के-लड़कियों ने भागकर शादी की है। इसका असर हमारे बच्चों पर पड़ रहा है। कई लोगों ने इसे संविधान विरोधी भी बताया। एसडीएम-जनपद सीईओ ने कॉल रिसीव नहीं किया
इस मामले को लेकर जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल को कॉल और मैसेज किया, लेकिन उन्होंने कोई रिप्लाई नहीं दिया। पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरूप हंस को भी कॉल किया, उन्होंने भी कॉल रिसीव नहीं किया।

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