सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने X (सोशल मीडिया) पर लिखा कि सेड़वा एसडीएम बद्रीनारायण के डॉ. रावत के साथ किए गए दुर्व्यवहार की घटना निंदनीय और शर्मनाक है। प्रशासनिक पद पर बैठा कोई अधिकारी यदि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे डॉक्टरों का सम्मान नहीं कर सकता और उन्हें धमकाने व अपमानित करने का कार्य करता है,यह एक गंभीर विषय है। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने लिखा कि सेड़वा में डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार निंदनीय है। घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई ने वीडियो जारी कर कहा कि 1 फरवरी को 85 साल की बुजुर्ग महिला के स्वास्थ्य ठीक नहीं होने और ज्यादा गंभीर होने की सूचना के फोन आए थे। तहसीलदार और मैं सीएचसी पहुंचे। वहां पर थोड़ा माहौल गर्म था। उसके परिजन परेशान थे। तब मैंने वहां पर डॉ. रामस्वरूप रावत को दो-तीन बार कहा कि पहले महिला को चैक करो। मरीज के पास खड़े रहकर जरा ढंग से देखो। इस दौरान दो-तीन बार कहने के बाद भी डॉक्टर नहीं आए। तब सख्ती से कुछ कह दिया है। इसके पीछे हमारा उद्देश्य डॉक्टर की भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं था। मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूं। भास्कर संवाददाता | बाड़मेर सेड़वा एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई द्वारा शनिवार को सीएचसी पर मरीजों की जांच कर रहे डॉ. रामस्वरूप रावत से अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को प्रदेश के सभी डॉक्टरों की ओर से काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. जोगेश चौधरी सहित 15 से 20 डॉक्टरों की मौजूदगी में सेड़वा थाने में एसडीएम के खिलाफ परिवाद दर्ज करवाया। लंबे समय से विवादों में रहे एसडीएम के खिलाफ प्रदेश के डॉक्टरों ने निलंबन की मांग की है। सोमवार को प्रदेश के सभी डॉक्टरों की ओर से सुबह 9 से 11 बजे तक पेन डाउन हड़ताल की घोषणा की है। इसे लेकर जयपुर में निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने ज्ञापन सौंपा। जिला मुख्यालय पर रविवार शाम संघ के जिलाध्यक्ष सहित डॉक्टरों ने कलेक्टर को एसडीएम के निलंबन व विभागीय जांच कमेटी में एक डॉक्टर को रखने की मांग की है। जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की ओर से काली पट्टी बांधकर मरीजों की जांच की गई। इधर, मामले को बढ़ता देख एसडीएम ने वीडियो जारी कर खेद जताया है। शनिवार दोपहर एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई सीएचसी सेड़वा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान डॉ. रामस्वरूप रावत ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे थे। एसडीएम ने डॉक्टर को फटकार लगाई। पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ था।


