नर्मदा जयंती से पहले बसंत पंचमी पर नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा तट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मां मेकल सेवा संस्था के आयोजित इस वार्षिक उत्सव में शाम 7 बजे से महाआरती की शुरुआत हुई। संगीतमय वातावरण में हजारों श्रद्धालुओं ने ‘मात श्री नर्मदे हर’ के जयकारे लगाए। महाआरती के दौरान गुलाब की वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा। नर्मदा के निर्मल जल पर तैरती दीपमालिकाओं और गगनभेदी आतिशबाजी ने मनमोहक दृश्य उपस्थित किया। भजन संध्या में गायकों ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रोता झूमते रहे। कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला, जिसके अंत में हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में दीपदान किया। आगामी 4 फरवरी को नर्मदा जयंती का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से मां रेवा का पूजन और दुग्धाभिषेक होगा। दोपहर 12 बजे महाआरती के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन नर्मदा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।


