कैसे होगी मार्च में परीक्षा:5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा के ब्लूप्रिंट का पता नहीं, शिक्षकों से लेकर छात्र तक असमंजस में

5वीं-8वीं की परीक्षाएं मौजूदा सत्र 2024-25 से बोर्ड (केंद्रीयकृत पद्धति से) होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बारे में 26 नवंबर को ही फैसला ले लिया था। फैसले के एक दिन बाद ही 3 दिसंबर को स्कूल शिक्षा सचिव ने इस बारे दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए थे। अब 69 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक स्पष्ट नहीं है कि ये परीक्षाएं बोर्ड होंगी या फिर नहीं? अगर, होंगी तो कैसे? क्योंकि जिलों को अब तक ब्लू​ प्रिंट नहीं मिला है। इसलिए सरकारी-निजी स्कूल, शिक्षक और 10 लाख छात्र सब असमंजस में हैं। सबसे बड़ी चुनौती ये है कि परीक्षा मार्च में ही होनी हैं। ऐसे में केवल फरवरी का ही वक्त बचा है। फरवरी में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव हैं, जिनमें शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर इतनी देरी और असमंजस की वजह क्या है? यह जानने के लिए भास्कर ने सरकारी-निजी 5 स्कूलों के प्राचार्यों से सवाल किया- 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा की क्या तैयारी है? जवाब मिला- अभी तक हमें विभाग की तरफ से मॉडल पेपर नहीं मिले हैं। इस आधार पर ही जिला स्तर पर पेपर सेट होंगे। पेपर-आंसरशीट प्रिंट होंगी। इसमें वक्त लगेगा। दूसरा सवाल- पेपर कितने नंबर के होंगे? जवाब मिला- अभी कुछ भी नहीं बताया गया है। हम ब्लूप्रिंट का इंतजार कर रहे हैं। दिसंबर में दिशा-निर्देश जारी हुए थे। जनवरी तक ब्लू प्रिंट मिल जाना था। देरी इसीलिए हो रही है कि ब्लू प्रिंट फाइनल नहीं हो पाया था। भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। 1-2 दिन में ब्लू प्रिंट जारी होने के आसार हैं। उधर, छत्तीसगढ़ शिक्षक फेडरेशन के प्रातांध्यक्ष राजेश चटर्जी कहते हैं कि केंद्रीयकृत पद्धति से करवाने का निर्णय अच्छा है। अगर, इसी सत्र से लागू करना है तो जल्द ही ब्लू प्रिंट जारी करना होगा। बोर्ड करने का फैसला भास्कर ने 6वीं से 9वीं के 1,000 छात्रों से स्कूलों में जाकर इमला लिखवाया था। 10% तो एक लाइन तक नहीं लिखी। तब भास्कर ने बताया कि 8वीं तक पास करने का सिस्टम भविष्य को खराब कर रहा है। इसके बाद नवंबर में राज्य सरकार ने सिस्टम को बदलते हुए 5वीं, 8वीं को बोर्ड करने का फैसला ले लिया। उधर… निजी स्कूल हाईकोर्ट पहुंचे छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 5वीं-8वीं बोर्ड किए जोन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उसने बीच सत्र में लागू करने का विरोध किया है। नोटिस जारी होने पर सरकार की ओर से इस बारे में कैविएट दायर की गई। शिक्षण सत्र के बीच में परीक्षा पद्धति में बदलाव का फैसला शासन नहीं ले सकता। एसोसिएशन 5वीं-8वीं बोर्ड से करने का स्वागत करता है। पर ये अगले सत्र लागू हो।
राजीव गुप्ता, अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसो. हाईकोर्ट में कैविएट दायर की गई है। 1-2 दिन में सभी जिलों को बोर्ड परीक्षा का ब्लू प्रिंट भी जारी हो जाएगा। बोर्ड इसी सत्र से होगी।
दिव्या उमेश मिश्रा, संचालक, स्कूल शिक्षा संचालनालय

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