सीजी बोर्ड की परीक्षाएं एक मार्च से शुरू होंगी। इससे पहले जनवरी का पूरा महीना मॉक टेस्ट, प्री-बोर्ड और प्रैक्टिकल एग्जाम में निकल गया। यही समय परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसमें छात्रों को उनकी कमियां दूर करने के उपाय किए जाते हैं, अतिरिक्त क्लासेस लगाई जाती हैं। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र भी हल कराए जाते हैं। अब समय निकल गया है, इसलिए कमियां दूर करने का अवसर भी लगभग खत्म हो गया है। क्योंकि, प्रदेश में अब निकाय और पंचायत चुनाव हैं। इस वजह से स्कूलों में छुट्टी का माहौल है। दसवीं-बारहवीं के छात्र भी नहीं आ रहे हैं। इसे लेकर जानकारों का कहना है कि मॉक टेस्ट में पूरे विषयों की परीक्षा होती है। इसमें भी तीन घंटे का पेपर होता है। यह परीक्षा जनवरी में 8 दिनों तक हुई। इसके कुछ दिन बाद फिर प्री-बोर्ड लेने की क्या जरूरत थी? मॉक टेस्ट की जगह यही परीक्षा होनी चाहिए थी। दिसंबर में स्कूलों में छमाही परीक्षा हुई। कुछ दिन तक पढ़ाई हुई, फिर जनवरी में मॉक टेस्ट हुआ। 20 से 29 तक प्री-बोर्ड आयोजित किया गया। इसी तरह जनवरी में ही 10 से 31 जनवरी तक प्रैक्टिकल एग्जाम हुआ। अधिकांश स्कूलों में प्रैक्टिकल एग्जाम चार दिनों तक हुआ। इस तरह से देखा जाए तो 31 दिन के जनवरी में 5 दिन रविवार और अन्य अवकाश में निकल गए। 17 दिन मॉक टेस्ट और प्री-बोर्ड, और 4 दिन प्रैक्टिकल एग्जाम में निकले। यानी 26 दिन छुट्टी और परीक्षाओं में ही बीते। प्री-बोर्ड के बाद से दसवीं-बारहवीं के अधिकांश छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं। उधर, प्री-बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है। एक स्कूल की कॉपियों की जांच दूसरे स्कूल में हो रही है। इसके रिजल्ट आने में कुछ दिन लगेंगे। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि प्री-बोर्ड में जिन छात्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उनमें अब सुधार कैसे होगा? निकाय व पंचायत चुनाव नहीं लगेंगी स्पेशल क्लासेस बोर्ड के छात्रों के लिए हर साल स्कूलों में स्पेशल क्लासेस लगती हैं। आमतौर पर यह जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी में लगती हैं। इसमें कमजोर छात्रों से पिछली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र को हल कराया जाता है। वे परीक्षा पास करने के लिए जरूरी अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं, इसकी जानकारी दी जाती है। इसी तरह अच्छे छात्रों को यह बताया जाता है कि वे सवालों के जवाब कैसे लिखें, जिससे उन्हें ज्यादा अंक मिले और वे मेरिट में शामिल हो सकें। यह कक्षाएं 15 दिनों तक लगती हैं। लेकिन इस बार यह कक्षाएं नहीं लगेंगी, क्योंकि प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव हैं। इसकी प्रक्रिया 24 फरवरी तक चलेगी। एक मार्च से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं सीजी बोर्ड परीक्षा 2025, 1 मार्च से शुरू होगी। इस परीक्षा के लिए इस बार 5 लाख 71 हजार छात्रों ने आवेदन किया है। पिछली बार तुलना में छात्रों की संख्या कम हुई है। बारहवीं की परीक्षा 1 से 28 मार्च तक होगी, जबकि दसवीं की 3 से 24 मार्च तक होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय से होगी। परीक्षा के लिए राज्य में ढाई हजार से अधिक केंद्र बनाए गए हैं।


