आग लगे तो दमकल विभाग के पास नहीं है पर्याप्त फायर फाइटर, पाली में 1 माह में हो चुके 10 हादसे

4 जनवरी- भांवरी -रूपावास रोड पर जालोर की ओर पाली रामसिया आ रहे हैं लकड़ी के बुरादे से भरे ट्रक में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। इसमें भरा बुरादा जलकर राख हो गया। आग पर साढे तीन घंटे में काबू पा सके। 10 जनवरी – इंद्रा कॉलोनी शिव मंदिर के पास रात 1 बजे सिगरेट के गोदाम में आग। सिगरेट के 70 कार्टन जल गए। आग पर काबू पाने में 1 घंटा लगा । दमकल की 1 गाड़ी लगी। 3. 25 जनवरी – दोपहर में शहर के कृषि उपज मंडी में दोपहर ट्रक में आग। ट्रक जयपुर से किराणा का समान लेकर पाली आ रहा था। दो दमकल को आब बुझाने में 20 मिनट का समय लगा। 25 जनवरी – बाला के भीलों की ढाणी में एक घर में शॉर्ट सर्किट से आग। घरेलू समान जलकर राख हो गए। आग पर काबू पाने में 1 गाड़ी को डेढ़ घंटा लगा। 27 जनवरी – डिंगाई में दो घरों में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। आग पर काबू पाने में दमकल की एक गाड़ी को 30 मिनट का समय लगा। 30 जनवरी – मंडिया रोड स्थित टैक्स टाइल्स फैक्ट्री के फोल्डिंग गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। घटना में कपड़े के थान जलकर राख हो गए। दो ग​ाड़ियों को 50 मिनट का समय लगा। 22 जनवरी – हेमावास भैरूजी मंदिर से रामसिया की ओर जाने वाले रास्ते में बाड़ में अज्ञात कारणों से पुरी बाड़ जलकर राख हो गई। 20 मिनट से ज्यादा का समय लगा। एक गाड़ी मौके पर पहुंची। 28 जनवरी – सुबह 5 बजे जोधपुर रोड पर एक स्कॉर्पियो में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। गाड़ी जलकर राख हो गई। एक गाड़ी को 30 मिनट का समय लगा। 1 फरवरी – बीपीएल कॉलोनी में दोपहर 1 बजे कबाड़ी के गोदाम में आग लगी। एक गाड़ी ने करीब 1 घंटे में आग पर काबू पाया। 2 फरवरी – सुबह 3.40 बजे खेतावास मोड़ पर एक ट्रेलर में आग लगी। कोयला भरा था। एक गाड़ी को आग पर काबू पाने में 30 मिनट लगे। भास्कर संवाददाता | पाली शहर में बढ़ती आग की घटनाओं को रोकने के लिए दमकल विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और स्टाफ नहीं है। भीतरी शहर में आग रोकने के लिए 1 फायर बाइक व 1 मिनी फायर गाड़ी के साथ 2 बड़ी गाड़ियों की राज्य सरकार को डिमांड भेज रखी है। दमकल विभाग के पास 13 फायरमैन, 16 हेल्पर के साथ 56 स्टाफ की जरूरत है। हर एक शिफ्ट में 5 फायरमैन व 2 ड्राइवर होने पर बड़ी आग को समय पर पाया जा सकता है काबू। साथ ही 2-2 रिलीवर की होती है जरूरत। विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और स्टाफ नहीं है। दमकल विभाग ने फायरमैन व ड्राइवर को लगाने की मांग की है। विभाग का कहना है कि शहर में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए यह भर्ती जरूरी है। इसके अलावा, विभाग ने 1 फायर बाइक, 1 मिनी फायर गाड़ी और 2 बड़ी गाड़ियों की मांग की है। जनवरी से अब तक शहर में 10 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। अब गर्मी की सीजन आने की कगार पर है। सीजन में आग लगने की घटनाओं में इजाफा होता है। 2024 मार्च में संविदा पर लगे 37 कर्मचारियों को हटा दिया। इसके बाद कोई नई भर्ती नहीं की। स्टाफ की कमी होने के चलते बड़ी घटना होने पर एक साथ पांच दमकलों का एक साथ पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। एक दकमल पर कम से कम 4 लोगों को आवश्यकता होती है। अभी करीब 15 जनों का स्टाफ है। 2 बड़ी चुनौतियां सामने, संसाधन नाकाफी पाली शहर दमकल विभाग के शहर के साथ ही 50 गांवों का जिम्मा संसाधनोें और स्टाफ की कमी के लिहाज से ये नाकाफी है। क्योंकि इनके जिम्मे शहर सहित 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 50 किमी के दायरे में आने वाले 50 से अधिक गांवों के लिए दमकल यहीं से भेजी जाती है। संविदा पर लगे 37 कर्मचारियों को हटा दिया था। उसके बाद नया स्टाफ नहीं मिला।

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