पाली | बांगड़ कॉलेज परिसर में स्थित सरस्वती मंदिर में रविवार को वसंत पंचमी पर मां वीणा वादिनि का भव्य शृंगार कर रंगोली सजाई। पूजा आरती की गई। वैदिक संस्कार प्रसार समिति द्वारा गोष्ठी को संबोधित करते हुए पंडित प्रभा शंकर दवे ने कहा कि देवी के निर्वाण मंत्र में बीजाक्षर सरस्वती का प्रतीक है। उन्होंने सरस्वती को ब्रह्मा पुत्री बताया तथा राहु ग्रह को अनुकूल करने के लिए सरस्वती उपासना का महत्व बताया। रमेश रावल ने बताया कि वसंत को मदन महोत्सव कहते हैं। इस समय संपूर्ण प्रकृति एक मादक अंगड़ाई लेती हुई दृष्टिगोचर होती है। नीतू, सीमा राजपुरोहित ने रंगोली बनाई गई। गोष्ठी में जसराज सिंह मुथा, आईदान राम, संजय, मालसिंह तोलियासर कौशिक, चंद्राराम,सुबोध सहित कई लोग मौजूद रहे।


