गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सर्विस मेडल की घोषणा की। एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं तीन अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 को शौर्य चक्र दिया जाएगा। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े 982 कर्मियों को बेहतरीन (उत्कृष्ट) सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल्स) भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर ऑपरेशन थिएटर में 45 वीरता पदक सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू और कश्मीर ऑपरेशन थिएटर में तैनात कर्मियों को दिए गए हैं। यहां ऑपरेशन थिएटर का मतलब वह जगह या इलाका, जहां लंबे समय तक आतंकवाद, घुसपैठ के खिलाफ और कानून-व्यवस्था से जुड़े ऑपरेशन चलते रहते हैं। नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के 35 और पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात 5 कर्मियों को इन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। फायर ब्रिगेड सर्विस के 4 बचावकर्मियों को भी वीरता पदक के लिए चुना गया। प.बंगाल: आरजी कर केस की जांच में शामिल CBI अधिकारी को वीरता पदक कैटेगरीज वाइज अवॉर्ड:101 प्रेसिडेंट मेडल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में CRPF एकमात्र फोर्स है जिसे 12 पदकों के साथ वीरता पुरस्कार मिले हैं। CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट मेडल और मेरिटोरियस मेडल मिले हैं। इनमें आरजी कर रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी चंद्रशेखर भी शामिल हैं। चंद्रशेखर ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रेप-मर्डर केस की जांच की थी। दिल्ली पुलिस को 14 अवॉर्ड जम्मू-कश्मीर पुलिस को सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस (31), उत्तर प्रदेश पुलिस (18) और दिल्ली पुलिस (14) का स्थान है। जानिए इन अवॉर्ड्स के बारे में… शुभांशु शुक्ला- ISS की यात्रा करने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। वह 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। वे गगनयान मिशन में भी शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं। इनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई अलीगंज, लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में हुई। 12वीं के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया और यहीं से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी। ——————————— गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. वंदे मातरम् के संस्कृत शब्दों पर पेंटिंग्स बनी थीं: 123 साल पहले तेजेंद्र मित्रा ने कैनवास पर उकेरा; कर्तव्य पथ के बैकग्राउंड में दिखेंगी देश इस बार 77वां गणतंत्र दिवस वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के साथ मना रहा है। मुख्य परेड की थीम भी वंदे मातरम् पर रखी गई है। इसी दौरान कर्तव्य पथ के बैकग्राउंड में तेजेंद्र कुमार मित्रा की 1923 में वंदे मातरम् पर आधारित पेंटिंग्स को दिखाया जाएगा। देखिए उन्हीं पेंटिंग्स की 14 तस्वीरें…


