जबलपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरिया ले गए लोग:करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं, पति-बेटे की मौत हो चुकी; IMA ने एसपी-कलेक्टर को लिखा पत्र

जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग कथित तौर पर जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आईएमए के अनुसार 72 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव शहर के पॉश इलाके राइट टाउन में अकेली रहती हैं। उनके पास करीब 20 हजार स्क्वायर फीट से अधिक जमीन और बंगला है, जिस पर कुछ लोगों की नजर होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर हेमलता की मानसिक और शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है। सफेद कार में ले जाने का वीडियो सामने आया
सोमवार शाम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग व्हाइट कार (एमपी 20 जेडएक्स 9..43) में डॉ. हेमलता को लेने पहुंचे। कार का एक नंबर आंशिक रूप से मिटा हुआ है। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले डॉक्टर अभिजीत मुखर्जी ने विरोध किया। उन्होंने पूछा- डॉ. हेमलता को कहां ले जा रहे, तो कार सवार लोगों ने कहा कि मंदिर में कुछ लोग रास्ता देख रहे हैं।विरोध के बावजूद उन्हें यह कहते हुए साथ ले जाया गया कि भी बात करनी है, गायत्री मंदिर आकर कर सकते हैं। पति-बेटे की मौत के बाद अकेली रह रही थीं डॉक्टर डॉ. हेमलता श्रीवास्तव जबलपुर जिला अस्पताल में लंबे समय तक सेवाएं दे चुकी हैं और मरीजों के बीच सरल व मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती हैं। एक माह पहले उनके पति महेश श्रीवास्तव का निधन हो गया था, जबकि चार साल पहले उनके बेटे डॉ. रचित श्रीवास्तव की भी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद से वे घर पर अकेली रह रही थीं। आईएमए का गंभीर आरोप आईएमए की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ मंदिर से जुड़े लोगों द्वारा डॉ. हेमलता की संपत्ति हड़पने की नीयत से उन्हें बहलाकर जबरन कार में बैठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 22 जनवरी 2026 को उनकी शारीरिक और मानसिक अक्षमता की स्थिति में धोखाधड़ी कर एक पंजीकृत वसीयत के जरिए उनकी संपत्ति गायत्री मंदिर के नाम कराई गई। आईएमए का कहना है कि डॉ. हेमलता की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल आईसीसीयू में भर्ती कर इलाज की आवश्यकता है, लेकिन जानबूझकर उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय मंदिर ले जाया गया, ताकि उपचार के अभाव में उनकी मृत्यु हो जाए और संपत्ति पर कब्जा किया जा सके। डॉ. ऋचा शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित साजिश में डॉ. हेमलता की बहन, जो स्वयं स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। पुलिस ने शुरू की जांच मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस को एक बुजुर्ग महिला डॉक्टर को सफेद कार में ले जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। आईएमए की ओर से भी लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डॉ. हेमलता इस समय कहां हैं और उनकी स्थिति कैसी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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