शेखावाटी की लाइफलाइन कही जाने वाली सैनिक एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने खुशियों की सौगात दी है। जयपुर-दिल्ली कैंट-जयपुर (19701/19702) रेल सेवा, जो सीकर और झुंझुनूं के रास्ते संचालित होती है, उसमें अब यात्रियों को बर्थ के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी। रेलवे ने इस ट्रेन में द्वितीय शयनयान श्रेणी (स्लीपर कोच) के एक डिब्बे को स्थाई रूप से बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। जयपुर से 1 फरवरी से ट्रेन में नया कोच स्थाई रूप से जुड़ जाएगा। 3 फरवरी से दिल्ली से आने वाले यात्रियों को इस अतिरिक्त कोच की सुविधा मिलेगी। भीड़ का परमानेंट इलाज: अब अस्थाई कोच का इंतज़ार खत्म सैनिक एक्सप्रेस में अक्सर झुंझुनूं, सीकर और नीमकाथाना के यात्रियों के अलावा खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। स्थिति यह थी कि स्लीपर क्लास में लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब तक रेलवे यात्रियों के दबाव को देखते हुए केवल कुछ दिनों के लिए अस्थाई तौर पर डिब्बे बढ़ाता था, लेकिन अब इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया गया है।


