सूर्य नमस्कार का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में राजस्थान:जयपुर में शिक्षामंत्री ने स्टूडेंट्स के साथ किया योग, बोले- स्कूलों में हर दिन होगा सूर्य नमस्कार

राजस्थान की भजनलाल सरकार सूर्य सप्तमी से एक दिन पहले ही वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रही है। सोमवार को प्रदेशभर के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स ने एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी जयपुर के एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड में स्टूडेंट के साथ सूर्य नमस्कार किया। मदन दिलावर ने बताया- इस बार 3 फरवरी के दिन सूर्य सप्तमी से पहले 4 फरवरी को सरकारी अवकाश है। ऐसे में आज सूर्य सप्तमी से एक दिन पहले राजस्थान के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के सभी स्टूडेंट्स, शिक्षक और अभिभावकों ने सूर्य नमस्कार के सामूहिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसका शिक्षा विभाग द्वारा एनालिसिस किया जा रहा है। दोपहर बाद इसका ऑफिशल डेटा भी हम जारी करने की कोशिश करेंगे। उसके बाद उस डेटा के आधार पर वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी अप्लाई किया जाएगा। उन्होंने कहा- राजस्थान में सिर्फ सूर्य पर ही नहीं बल्कि, पूरे शैक्षणिक सत्र में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जाता है। शिक्षा विभाग द्वारा बाकायदा इसका आदेश जारी किया जा चुका है। इसके तहत स्कूलों में प्रार्थना के समय रोज तीन सूर्य नमस्कार करवाए जाते हैं।स्कूलों में सूर्य नमस्कार करवाए जाने का यह सिलसिला पूरे साल था और आगे भी रहेगा। दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा आज पिछले साल 78,974 स्कूलों में 1.33 करोड़ स्टूडेंट्स द्वारा सूर्य नमस्कार कर बनाए गए वर्ल्ड रिकॉर्ड को ब्रेक करने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सिर्फ स्टूडेंट और टीचर्स बल्कि, उनके पेरेंट्स को भी सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। शिक्षा विभाग की अपील के बाद प्रदेश भर में बड़ी संख्या में स्टूडेंट शिक्षक के साथ पैरेंट्स भी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसका आधिकारिक डेटा आज शाम तक शिक्षा विभाग की साइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। 20 मिनट तक हुआ योगा अभ्यास दिलावर ने बताया कि आज राज्य के सभी राजकीय और गैर राजकीय शिक्षा संस्थानों में एक साथ एक समय पर सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी ने 3 बात सूर्य नमस्कार की योग की क्रिया को पूरा किया। ऐसे में अब इस पूरे कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी रिपोर्ट आने के बाद शाम तक आयोजन का पूरा डेटा शाला दर्पण और पीएसपी पोर्टल पर अपलोड कर वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *