सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस बार यह आयोजन ‘ग्रीन शिवरात्रि’ की थीम पर होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता है। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक वैश्विक अभियान है। महाशिवरात्रि के अवसर पर विठलेश सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में एक ही दिन में एक करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं से पौधा लगाने की अपील पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के आराध्य हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। विशाल भोजनशाला में होगा भंडारा इस बार रुद्राक्ष महोत्सव की भव्यता पहले से कई गुना अधिक होगी। कुबेरेश्वर धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल पक्का पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे।श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में भोजनशाला तैयार की गई है। साथ ही, 1 लीटर पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक करीब 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे विभाग के सहयोग से विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है।सुरक्षा के लिए परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। सात दिन, अलग-अलग संतों का आगमन महोत्सव सात दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग संत कथा में शामिल होंगे, ताकि एक दिन में अत्यधिक भीड़ न हो।17 फरवरी को विशेष रूप से बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इसके अलावा विभिन्न दिनों में देश के मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथि भी कथा में भाग लेंगे।


