5 डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। जिले के सभी सरकारी बैंकों में कामकाज नहीं हुआ। बैंकों के सामने बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से मांग की कि 5-डे वर्क वीक दिया जाए। बता दें कि बैंक यूनियनों और सरकार के बीच विवाद की मुख्य जड़ शनिवार की छुट्टी है। बैंक कर्मचारी काफी समय से ‘5-डे वर्क वीक’ (हप्ते में केवल 5 दिन काम) को लागू करने की मांग कर रहे हैं। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी लेकिन समझौते के बावजूद अभी तक इसका सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। 5-डे वर्किंग के लिए यूनियनों का तर्क है कि हम एक संतुलित कार्यप्रणाली मांग रहे हैं। हम इसके बदले हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। वर्तमान में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं। यूनियन चाहती है कि सरकार अब इसकी आधिकारिक अधिसूचना तुरंत जारी करे। शहर के बैंककर्मियों ने पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित SBI शाखा के सामने प्रदर्शन किया। बैंककर्मियों ने नारेबाजी करते हुए मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि कोरोना के दौरान जब सब कुछ बंद था, तब भी बैंककर्मियों ने रात 12 बजे तक काम किया। हम सरकार से पांच दिन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब सरकार के सभी विभाग पांच दिन काम करते हैं, कॉरपोरेट सेक्टर पांच दिन काम करता है, LIC, RBI पांच दिन काम करती है, तो जो देश का सबसे जिम्मेदार और ईमानदार सेक्टर है, उसे पांच दिन काम का अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा। सरकार से मांग करते हैं कि पांच दिन काम का अधिकार दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।


