भरतपुर में वैर इलाके के ग्रामीण आज आईजी ऑफिस पर धरना देने के लिए पहुंचे लेकिन, पुलिस ने उन्हें ट्रैफिक चौराहे पर ही रोक दिया। जिसके बाद ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए। इस दौरान 17 डिग्री टेंपरेचर था और बारिश भी हो गई। बारिश में ग्रामीण सड़क पर बैठे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने प्रहलाद का 1 साल पहले अपहरण कर लिया था। जिसकी FIR वैर में करवाई गई लेकिन, 1 साल बीत जाने के बाद भी प्रहलाद का कुछ पता नहीं लगा। धर्मेंद्र और राजेश ने लिए थे पैसे पूनम बाई बैरवा निवासी नगला हरिहर गांव ने बताया कि मेरे पति प्रहलाद (37) ने 4 साल पहले धर्मेंद्र धाकड़ और राजेश कुमार गर्ग ने मेरे पति प्रहलाद से उधार पैसे ले लिए। राजेश ने प्रहलाद से 15 लाख और धर्मेंद्र ने 4 लाख 50 हजार रुपए लिए थे। प्रहलाद उनसे पैसे वापस देने का तकादा कर रहा था लेकिन, दोनों लोग पैसे नहीं लौटा रहे थे। कोर्ट से हुआ था प्रहलाद गायब जिस पर करीब 2 साल पहले प्रहलाद ने धर्मेंद्र और राजेश के खिलाफ वैर थाने धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई। मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। 26 मार्च को प्रहलाद इसे मुकदमे के चलते कोर्ट गया था। वहां से राजेश और धर्मेंद्र ने प्रहलाद का अपहरण कर लिया। जिसके बाद से प्रहलाद का कुछ पता नहीं है। 1 साल से प्रहलाद का नहीं लगा पता प्रहलाद के परिजनों ने इसकी FIR वैर थाने में भी करवाई। 1 साल बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रहलाद का कुछ पता नहीं लगा पाई। जिसको लेकर प्रहलाद के परिजनों ने अप्रैल महीने में वैर थाने पर धरना दिया। करीब 6 दिन धरना देने के बाद पुलिस ने धरने को खत्म करवा दिया। वैर पुलिस पर लापरवाही का आरोप आज प्रहलाद के परिजन आईजी ऑफिस पर धरना देने के लिए भरतपुर पहुंचे लेकिन, पुलिस ने प्रहलाद के परिजनों और ग्रामीणों को ट्रैफिक चौराहे पर रोक लिया। पुलिस लगातार प्रहलाद के परिजनों से समझाइश कर रही है। प्रहलाद के परिजन वैर पुलिस पर जांच में लापरवाही, धर्मेंद्र और राजेश से मिले होने का आरोप लगा रहे हैं।


