जैसलमेर में 3 महीने पहले एक विवाहिता द्वारा सुसाइड करने के मामले में महिला थाना पुलिस ने मृतका के देवर को गिरफ्तार किया। पकड़े गए मृतका के देवर मोहम्मद इमरान (19) को महिला थाना पुलिस ने जोधपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। महिला थाना प्रभारी गीता विश्नोई ने बताया- मृतका शमा बेगम ने फांसी का फंदा लगाकर अपने ही घर में जान दे दी थी। मृतका के पति अजमेरूल हसन की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में मृतका के जोधपुर निवासी देवर इमरान पर शक हुआ। इमरान और उसकी भाभी शमा की फोन पर लंबी लंबी बातें और सुसाइड के दौरान भी इमरान मृतका के साथ फोन पर बात कर रहा था। जांच के बाद मृतका को सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले इमरान को पकड़ा और कोर्ट में पेश किया जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। मामले की जांच लगातार जारी है। 3 महीने पहले घर में सुसाइड किया था महिला थाना एसएचओ गीता विश्नोई ने बताया- 6 सितंबर 2024 को जवाहिर हॉस्पिटल के मॉर्च्युरी रूम में थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली को अजमेरूल हसन पुत्र ताजुदीन ने लिखित रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में उसने बताया कि 5 सितंबर को उसकी पत्नी शाम बेगम द्वारा रहवासी मकान में फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली है। इस दौरान वो फोन पर किसी से बात कर रही थी। कोतवाली थाने ने जांच में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का जुर्म पाए जाने पर महिला पुलिस थाना जैसलमेर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जोधपुर से पकड़ा गया मृतका का देवर मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर सुधीर चौधरी के निर्देशन में राजुराम चौधरी एएसपी पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ, जैसलमेर के सुपरविजन में महिला थाना प्रभारी डॉ. गीता विश्नोई के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने मामले की पड़ताल कर मृतका के देवर मोहम्मद इमरान (19) साल निवासी जोधपुर को गिरफ्तार किया। जांच में इमरान और उसकी भाभी मृतका शमा के फोन पर बातें करना, इमरान द्वारा मृतका को सिम देना व सुसाइड के समय इमरान का मृतका से लगातार बातें करना सामने आया। इसमें सामने आया कि इमरान ने ही उसको सुसाइड के लिए मजबूर किया। इमरान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। ये रहे पुलिस टीम में शामिल इमरान को जोधपुर से पकड़ने में महिला थाना प्रभारी डॉ. गीता विश्नोई, हैड कॉन्स्टेबल जेठाराम, कॉन्स्टेबल करनाराम, शिवपालसिंह, गोमसिंह, विनोद गोदारा व मेघसिंह शामिल रहे।


