टोंक में विराट हिंदू सम्मेलन किया गया। इसमें साधु-संत भी शामिल हुए। महामण्डलेश्वर रामप्रियदास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म सभी के हितों की रक्षा करता है। सम्मेलन से पहले शहर में रैली निकाली गई, जिसमें एकजुटता का संदेश दिया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुरुषों ने वाहन रैली निकाली और महिलाओं ने भगवा ध्वज यात्रा में शिरकत की। लोग नाचते-गाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामण्डलेश्वर रामप्रियदास महाराज रामघाट चूली रहे और अध्यक्षता सुरेश विजयवर्गीय ने की। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय संगठन मन्त्री (विद्याभारती) गोविंद रहे। सर्वे भवंतु सुखिन: वाला धर्म अपने संबोधन में रामप्रियदास महाराज ने कहा- सनातन धर्म की विशेषता यह है कि वह सर्वे भवंतु सुखिन: की परिकल्पना करता है। यह धर्म सभी के हितों की रक्षा करने वाला धर्म है। उन्होंने हिन्दू समाज को एकजुट करने का सन्देश दिया। मुख्य वक्ता गोविन्द ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा और हिंदू की परिभाषा का वर्णन किया। उन्होंने कहा- संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हिन्दू समाज में जन जागरण किया जा रहा है। उन्होंने हिन्दू समाज व सनातन धर्म की विशेषताओं का विस्तार से वर्णन करते हुए सभी से एकजुटता के साथ रहने पर जोर दिया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सुरेश विजयवर्गीय ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में समिति द्वारा बस्ती के ही पर्यावरण, गो सेवा, धार्मिक, सामाजिक खेलकूद, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान श्रीफल एवं दुपट्टा पहनाकर किया। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कार्यक्रम में मोहित ने भजन, चिंकी ने नृत्य की प्रस्तुति दी। समिति के अशोक गांधी, श्याम नामा, प्रदीप साहु, सत्यनारायण नामा, भाजपा महामंत्री प्रभु बाडोलिया, रतन शर्मा, संजय शर्मा, विनोद शर्मा, भूपेन्द्र सोलंकी, मनोज सोयल, पण्डित रामकिशन शर्मा, अरविन्द, रमेश चन्द साहू, सोहन, टेमराज, रामचरण विजय आदि उपस्थित रहे। अन्त में सबको प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का विसर्जन किया गया।


