नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सिवनी मालवा से आए दो भाई अर्धनग्न होकर हाथों में कफन और माला लेकर पहुंचे थे। उन्हें इस हालत में देख तहसीलदार सरिता मालवीय भड़क गईं। उन्होंने सख्त लहजे में पीड़ितों को हड़काते हुए कहा- “नाटक मत करो, अभी पुलिस बुलाकर सबको अंदर करवा दूंगी।” अधिकारी का यह रूप देख पीड़ित परिवार सहम गया और तहसीलदार के पैरों में गिरकर न्याय की भीख मांगने लगा। मां बोली- साहब हम परेशान हैं, इसलिए ऐसे आए तहसीलदार की फटकार के बावजूद पीड़ित युवक और उनकी मां ने अपना आपा नहीं खोया। बुजुर्ग मां और दोनों बेटों ने तहसीलदार के पैर पकड़ लिए। मां ने रोते हुए कहा, “साहब हम बहुत परेशान हैं, कहीं सुनवाई नहीं हो रही, इसलिए मजबूरी में ऐसे आना पड़ा।” इसके बाद अधिकारियों का गुस्सा शांत हुआ और एसडीएम जय सोलंकी व तहसीलदार ने उन्हें कपड़े पहनने को कहा। ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाते हुए घुसे थे मंगलवार को सिवनी मालवा तहसील के दो सगे भाई अपनी मां के साथ अर्धनग्न हालत में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वे हाथों में कफन, माला और झांझ लेकर ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगा रहे थे। शोर सुनकर एसडीएम और तहसीलदार दौड़कर बाहर आए थे। पीएम आवास ने रोका खेत का रास्ता और पानी पीड़ितों की शिकायत है कि सिवनी मालवा में उनके खेत से लगी सरकारी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बना दिए गए हैं। इससे उनके खेत का रास्ता और पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है। वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। मामला अपर कलेक्टर कोर्ट में भी चल रहा है। CEO ने जांच के लिए टीम भेजने के निर्देश दिए काफी देर चले हंगामे के बाद पीड़ितों को कपड़े पहनाकर जिला पंचायत सीईओ (प्रभारी कलेक्टर) हिमांशु जैन से मिलवाया गया। सीईओ ने उनकी समस्या सुनने के बाद मामले की वास्तविकता जांचने के लिए जिला स्तर से एक टीम और तहसीलदार को सिवनी मालवा भेजने के निर्देश दिए हैं।


