बाड़मेर में युवा सड़कों पर उतरकर ओएमआर शीट घोटाला, फोर्थ क्लास भर्ती परिणाम की सीबीआई जांच, RPSC, RSSB बोर्ड को भंग करने समेत 5 सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। कांग्रेस विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री और जिलाध्यक्ष ने समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट के आगे धरने पर बैठे गए। ज्ञापन में 2018 (कांग्रेस सरकार) से लेकर 2025 तक की ओएमआर सीट की जांच करने सीबीआई से करवाने की मांग की है। हरीश चौधरी ने स्पीच में कहा कि जांच में गिरफ्तार बाबूलाल कटारा ने माना कि एक करोड़ बीस लाख की डील से आरपीएससी सदस्य बना था। जिसको दिए है उनका और कटारा का लाइव डिडक्टर करवाने की मांग की है। जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो जाए। इससे पहले सिणधरी सर्किल से युवा हाथों में आरपीएससी, आरएसएसबी भंग करों, हमें न्याय दो की तख्तियां लेकर रैली निकाली। शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। वहां पर धरने पर बैठे। वहां पर कांग्रेस सासंद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। हरीश चौधरी ने स्पीच में कहा- युवाओं के हित का निर्णय कैबिनेट और 200 विधायक लेगें। मेरा आपके माध्यम से राजस्थान कैबिनेट में बैठे सदस्य जिसमें करोड़ीलाल मीणा जैसे लोग भी है। जो राजस्थान की इन सड़कों पर मजबूती से राजस्थान के नौजवानों की आवाज उठाते थे। किरोड़ीलाल जी अब आप यह लालच छोड़ दो। कैबिनेट के हर सदस्यों को अधिकार है। कैबिनेट के अंदर खुद का प्रस्ताव रख सकता है। सरकार मुख्यमंत्री की नहीं होती है कैबिनेट की होती है। किरोड़ीलाल जी को भी कह रहा हूं अगली कैबिनेट में मजबूती से प्रस्ताव रखें। थार के परिवार के सदस्य को भी कह रहा हूं कि उंगली उस दांतों के बीच में प्रस्ताव लेकर आओगें। दो उंगली दांतों के बीच आ जाएगी। वो दांत इन स्टूडेंट के नहीं होंगे। वो दांत लूटने वाली ताकतों के हाेंगे। यह इंतजार है। शिव विधायक और बाड़मेर विधायक को सलाह हरीश चौधरी ने बाड़मेर जिले के निर्दलीय विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और रविंद्र सिंह भाटी पर तंज कसते हुए कहा कि- आप पर किसी की कोई पाबंदी नहीं है। यह सरकार किसी को कुछ देने वाली नहीं है। आप रुक और समझ रहे हो कि यह हेमाराम जी (पूर्व मंत्री) बैठे है। स्टूडेंट के सामने कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद आरपीएससी को भंग करने की मांग कर चुके है। भीषण गर्मी में सड़क पर गए थे। उस समय गुड़ामालानी के विकास में बाधा नहीं आई। मैं दोनों को सलाह दे रहा हूं। आपको लगता है कि इससे शिव और बाड़मेर में कमी रहेगी। तो कोई कमी नहीं रहेगी। सड़क के माध्यम से मेरी यह सलाह है। आओ और इस संघर्ष में शामिल हो। 1.20 करोड़ में डील, लेकिन दोनों छाती ठोक कह रहे है हम सही है स्पीच में हरीश चौधरी ने कहा कि बाबूलाल कटारा ने माना कि एक करोड़ बीस लाख की डील ने बनाया था आरपीएससी सदस्य। कटारा नाम ने खुद ने नाम जांच में दर्ज करवाएं। आज इस विकसित भारत के अंदर एक व्यक्ति कर रहा है कि मेरे काम कराने वाले (RPSC सदस्य) यह है। वहीं दूसरा व्यक्ति कह रहा है कि मैं नहीं हूं। तो आज इस वैज्ञानिक युग में मुमकिन है। दोनों छाती ठोक कर बोल रहे है कि हम सही है। यह मांग है कि लाइव डिडक्टर दोनों का करवा देना चाहिए। जिससे पता चल जाएगा। कौन सही है और कौन गलत है। विधायक हरीश चौधरी बोले- आरपीएसएसी और चयन बोर्ड संस्थाएं भग करनी चाहिए बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मीडिया बातचीत में कहा- नकल, पेपर लीक, इंटरव्यू में गलत अयोग्य लोगों को नंबर देने से ओएमआर तक का खेला जो हुआ है। यह अपने आप पूरी कहानी बयां करती है। राजस्थान में आरपीएससी, और अधीनस्थ बोर्ड संस्थान का अस्तित्व ही नहीं रहा है। यह संस्थाएं तत्कालीन भंग करनी चाहिए। आज से साल साल पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने बड़े-बड़े नाम (मगरमच्छ) आएंगे लेकिन अब इंतजार किस चीज का है। दोनों सरकारों के अंदर नियुक्त किए गए आरपीएससी सदस्य जेल जाना इन युवाओं को न्याय नहीं दिला रहा है। युवाओं को न्याय तब मिलेगा जब योग्यता के अनुसार इनको नौकरी मिले। इसके अलावा दूसरा कोई माध्यम नहीं है। एमएलए बोले- विधानसभा में बड़ी मजबूती से उठाऊंगा निर्दलीय विधायकों (रविंद्र सिंह भाटी और डॉ. प्रियंका चौधरी) पर दिए बयान पर हरीश चौधरी ने कहा कि मैंने कटाक्ष नहीं किया है। यहां के आयोजकों ने बोला है कि उनका पहले से तय कार्यक्रम में जाना तय हो गया था। विधानसभा में इन युवाओं के लिए बोलेंगे। चौधरी ने कहा- विधानसभा में बड़ी मजबूती से मेरे बन पाएगा, युवाओं की आवाज विधानसभा में उठाऊंगा। लाइव डिडक्टर से दूध का दूध और पानी का पानी लाइव डिडक्टर की स्पीच पर हरीश चौधरी ने कहा- बाबूलाल कटारा कह रहे है कि मैंने उनको पैसा दिया है। उनका कहना है कि मेरा कोई संबंध नहीं है। उसमें एक सही और एक गलत है। लाइव डिडेक्टर करवाकर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा आज वैज्ञानिक युग है और यह माध्यम है।


