कोतमा थाना क्षेत्र में 19 दिसंबर 2025 को दर्ज गुमशुदगी और बाद में मिले शव का मामला अब संदिग्ध मौत में बदल गया है। मृतक सीताराम सिंह गोड़ (40) के पिता नानबाबू सिंह गोड़ (63) ने अपने पुत्र की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है। मंगलवार को उन्होंने एसडीओपी कोतमा को ज्ञापन सौंपकर विस्तृत जांच की मांग की। जानकारी के अनुसार, सीताराम सिंह गोड़ 17 दिसंबर 2025 को अपने घर वार्ड क्रमांक 11 गोविन्दा गांव से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद 19 दिसंबर 2025 को थाना कोतमा में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 को सीताराम का शव बनियाटोला वार्ड क्रमांक 07 स्थित भोचू के बाड़ा में संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। पुलिस ने उनकी बाइक की डिग्गी से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था, जिसमें दो युवकों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। परिजनों का आरोप है कि शव मिलने और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि चोरी-छिपे कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। मृतक के शरीर पर पाए गए चोट के निशानों को देखते हुए परिजन इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला बता रहे हैं। इस मामले में परिजनों के साथ कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक कोतमा सुनील सराफ भी ज्ञापन देने एसडीओपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि मामले की सही ढंग से जांच नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस कुछ आपराधिक तत्वों से मिलीभगत कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास कर रही है। एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य ने इस संबंध में बताया कि परिजनों द्वारा शिकायत की गई है। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


