सिरोही के गोयली गांव में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। यह पहल आदिजिन युवक चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई और लब्धि सेवा संस्थान, सिरोही द्वारा की गई है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर चौधरी ने आदिजिन संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किया जा रहा यह कार्य प्रशंसनीय है। कलेक्टर ने संस्था की ओर से पांच दिव्यांगों को व्हीलचेयर और साइकिल भी भेंट कीं। आदिजिन युवक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जयेश जरीवाला ने बताया कि इस केंद्र का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सिलाई का हुनर सिखाकर उन्हें घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें। उन्होंने जानकारी दी कि गोयली गांव में सिलाई कक्षाओं के लिए केंद्र बनाए गए हैं, जहां महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। सोमवार को पहला बैच शुरू हो चुका है। लब्धि सेवा संस्थान की मनीषा दिओल ने बताया कि संस्थान ने 20 विधवा महिलाओं का चयन किया है, जिन्हें तीन महीने तक निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें सिलाई मशीनें भी मुफ्त दी जाएंगी, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला कलक्टर अल्पा चौधरी के आग्रह पर संस्थान पूरे वर्ष भर सभी महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्रदान करेगा। सोमवार से दो बैच शुरू हो गए हैं।
लब्धि सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंघी ने बताया कि लब्धि संस्थान, आदिजीन चैरीटेबल एवं अन्य भामाशाहों के माध्यम से आदिवासी गांवों में अब तक पांच हजार से अधिक कंबल, स्वेटर का वितरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि रविवार एवं सोमवार को जिला वन अधिकारी अजित उचाई के आतिथ्य में सामरथला, शिवगढ़, लाज, मोरस, राजपुरा, कलदरी, बीजोला भागली, उतरा भागरी, बोकी भागरी में जरूरतमंद परिवारों को एवं बच्चों को ठंड से बचाव के लिए कंबलों व स्वेटरों का वितरण किया गया। मनीषा दिओल ने बताया कि 26 जनवरी के अवसर पर गोयली, शिवगढ़ एवं लाज गांव में स्कूल के पांच सौ बच्चों को लडडू एवं कचोरी का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रतन बाफना, संरपंच नाथु सिंह, शांतिलाल, पुष्कर देवल सहित संस्थान के सदस्य मौजूद थे।


