वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का रायपुर रेंज साइबर थाना ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को महाराष्ट्र और राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी देश के 14 थानों में वांटेड बताए जा रहे हैं। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा जोधपुर निवासी उत्पल पंचारिया (21 वर्ष), सांगली निवासी रोहित बबन कौलगे (31 वर्ष), सांगली निवासी श्रीनिवास राठी बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से मुनाफा कमाने का झांसा देकर उनसे 24 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। शिकायत के आधार पर थाना राखी पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की। विवेचना अधिकारियों ने जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम चैनल्स से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। टेलीग्राम चैनल से मिले इनपुट के आधा पर पुलिसकर्मियों ने महाराष्ट्र–राजस्थान में रेड मारकर एक ही समय में तीन आरोपियों को पकड़ा। इस तरह अपने जाल में फंसाते थे आरोपी ठगाें ने पुलिस की पूछताछ में बताया, कि टेलीग्राम में चैनल बनाकर उसको प्रमोट करते थे। इस चैनल में जब नए यूजर्स जुड़ते थे, तो सिंडिकेट के कुछ सदस्य खुद ग्राहक बनकर उनसे बात करते थे। बातचीत में मुनाफ होने की बात कही जाती थी। इस बात को देखकर लोग काम करने की रुचि दिखाते थे। पहले लोगों को टारगेट करने के एवज में कुछ पैसा ट्रांसफर किया जाता था। पैसा ट्रांसफर होने पर लोगों को बडा अमाउंट इन्वेस्ट करने के लिए राजी करवाते थे। बडा इन्वेस्टमेंट आते ही ठग पैसा अकाउंट्स में ट्रांसफर करते और पीड़ितों को फिर रिफंड नहीं करते थे।


