सीकर में आज बेरी गांव के किसानों ने हल्ला बोल किया और श्री सीमेंट कंपनी गोठड़ा के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण का आरोप लगाया। किसानों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि अब तो जमाबंदी में भी किसानों की जमीनें रेलवे के नाम हो गईं हैं, फिर भी किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब क्या प्रशासन तभी सुनवाई करेगा, जब किसान आत्महत्या करने लगेंगे। एडीएम रतन कुमार स्वामी ने किसानों को जल्द ही एक कमेटी भेजकर सभी मांगों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया। किसानों ने ज्ञापन देकर कहा कि श्री सीमेंट कंपनी के लिए दुर्जनपुरा (नवलगढ़) से गोठड़ा तक रेलवे लाइन प्रस्तावित है। इसके लिए किसानों की जमीनें जबरदस्ती अधिग्रहण की जा रही हैं। किसानों ने न्याय आधारित “भूमि अधिग्रहण कानून- 2013” लागू करने की मांग करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बाजार मूल्य का 4 गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान है। किसानों ने ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया रोककर 80 प्रतिशत किसानों की सहमति लेने, जमीन का मुआवजा बाजार मूल्य से 4 गुना दिलवाने, किसानों के पुनर्वास व पुनर्स्थापन की व्यवस्था करवाने, भूमि अधिग्रहण की सारी प्रक्रिया सार्वजनिक मंच पर करवाने और रेलवे ट्रैक के साथ सड़क निर्माण करवाने की मांग की है।


