जालंधर जिले में विजिलेंस ब्यूरो ने नकोदर में वन विभाग के एक गार्ड और एक दिहाड़ीदार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी वन रेंज कार्यालय नकोदर, जालंधर में तैनात थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वन विभाग के गार्ड कुलदीप सिंह ( तलवंडी चौधरियां का रहने वाला) और दिहाड़ीदार दर्शन सिंह मेठ ( रायपुर गुजरा मेहतपुर का रहने वाला) के रूप में हुई है। लकड़ी चोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी बता दे कि गांव संघोवाल महितपुर, जालंधर के एक मजदूर ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह महितपुर-जगराओं रोड के किनारे लगे पेड़ों से घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी के छोटे टुकड़े इकट्ठा कर रहा था।इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उसे सरकारी लकड़ी चोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी और उसकी मोटरसाइकिल जब्त कर लिया। बाइक छोड़ने के बदले मांगे 20 हजार शिकायतकर्ता ने जब दर्शन सिंह से संपर्क किया, तो उसने बताया कि गार्ड कुलदीप सिंह मोटरसाइकिल छोड़ने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद दोनों अपनी मांग पर अड़े रहे। आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत रिकॉर्ड कर विजिलेंस ब्यूरो टीम को सूचित किया। शिकायत के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने एक जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


