सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 50% आरक्षण की तैयारी!:स्टार्टअप के लिए सस्ता लोन, बेटियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग सिलेबस में हो सकती है शामिल

राजस्थान बजट 2025-26 में भजनलाल सरकार महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है। स्टार्टअप के लिए विशेष फंड की घोषणा हो सकती है। साथ ही इंडस्ट्रियल एरिया में रियायती दर पर भूमि आवंटन, मुद्रा लोन की लाभान्वित महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान करने जैसी कई योजनाएं सामने आ सकती हैं। सरकारी नौकरियों विशेष तौर से टीचर भर्ती में महिलाओं को 50% आरक्षण की राह आसान हो सकती है। स्कूल-कॉलेज में आत्मरक्षा की ट्रेनिंग अनिवार्य किया जा सकता है। नए जिलों में महिला अधिकारिता विभाग के कार्यालय खोलने की भी तैयारी है। महिलाओं को साइबर ठगी से बचाने के लिए डिजिटली प्रशिक्षित करने पर भी विचार चल रहा है। पिछले बजट में घोषित हो चुकी कई योजनाओं का दायरा बढ़ाने की भी तैयारी है। इनमें लाडो प्रोत्साहन योजना, लखपति दीदी योजना, मुद्रा लोन योजना प्रमुख है। मंडे स्पेशल स्टोरी में जानेंगे, भजनलाल सरकार के दूसरे बजट में वित्त मंत्री दीया कुमारी महिलाओं के लिए क्या विशेष घोषणा करने वाली हैं… 1.सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण की राह हो सकती है आसान
भजनलाल सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लेवल-1 में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया था। बाद में राज्य सरकार ने 50 फीसदी आरक्षण की फाइल को मंजूरी भी दे दी थी। बावजूद इसके यह मामला अभी तक अटका हुआ है। माना जा रहा है कि इस बार बजट में इसको लेकर महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। इससे पहले सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्राओं के लिए 30% सीटें आरक्षित की जा चुकी हैं। 2. महिलाओं के स्टार्टअप के लिए विशेष फंड की घोषणा की उम्मीद
प्रदेश में शुरू हो रहे नए स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। हाल ही में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने भी महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए इस सेक्टर में आगे बढ़ने के लिए कहा था। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार महिलाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए विशेष फंड की घोषणा कर सकती है। 3. मुद्रा लोन लाभार्थी महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान
स्टार्टअप और बिजनेस के क्षेत्र में ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए महिला उद्यमियों को विशेष अनुदान और रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही मुद्रा लोन की लाभार्थी महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की भी संभावना है। महिलाओं को कॉस्मेटिक निर्माण और रसायन उद्योग स्थापित करने के लिए भी सरकार सहयोग कर सकती है। इस क्षेत्र में निवेश करने वाली महिलाओं को सब्सिडी और टैक्स में छूट दिए जाने के प्रावधान किए जा सकते हैं। 4. लाडो प्रोत्साहन योजना- बढ़ सकता है फंड
प्रदेश सरकार ने 1 अगस्त 2024 से पूरे राजस्थान में लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत बेटी पैदा होने पर उसे 21 साल की उम्र तक सात किस्तों में एक लाख रुपए की राशि दी जा रही है। इस राशि का उपयोग लाडो अपनी इच्छा से उच्च शिक्षा या बिजनेस में भी कर पाएगी। भजनलाल सरकार अपने दूसरे बजट में इस योजना की राशि में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। 5. महिला उद्यमियों को RIICO में भूमि आवंटन में छूट
महिला उद्यमियों को रियायती दरों पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन में छूट देने का प्रावधान किया जा सकता है। 6. स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का बढ़ाया जा सकता है दायरा
महिलाओं के स्वास्थ्य संबधी योजना खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विशेष योजना चलाई जा सकती है। महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान की घोषणा कर सकते हैं। 7. महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा कार्यक्रम
माना जा रहा है कि लड़कियों के लिए स्कूल और कॉलेजों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जा सकता है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संख्या बढ़ाकर 1000 की जा सकती है। पहले 500 ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ में से 250 यूनिट का संचालन शुरू किया जा चुका है। इसी के साथ ही राजस्थान पुलिस में तीन महिला बटालियन (पद्मिनी, काली बाई और अमृता देवी) के गठन के लिए 2216 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसको लेकर भी बजट में घोषणा हो सकती है। 8. आंगनबाड़ी और पोषण योजनाओं का विस्तार
नए आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषाहार में सुधार की घोषणा हो सकती है। आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मानदेय संबंधी समस्या का निवारण अभी नहीं हुआ है। हाल ही में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना भी दिया था। ऐसे में उनके मानदेय को बढ़ाने को लेकर भी घोषणा की उम्मीद है। 9. महिलाओं को साइबर ठगों से बचने की ट्रेनिंग और डिजिटल सशक्त बनाने की तैयारी
महिलाओं को डिजिटल तौर पर सशक्त बनाने के लिए सरकार इस बजट में विशेष योजना चलाने की तैयारी कर रही है। महिलाओं से बजट पर संवाद के दौरान भी ये मांग मुख्य रूप से सामने आई थी। माना जा रहा है कि महिलाओं को साइबर ठगी और अन्य डिजिटल क्राइम से बचने के लिए ट्रेनिंग या जागरूकता अभियान की घोषणा हो सकती है। 10. लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी
पिछले बजट में लखपति दीदी योजना का दायरा 5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख महिलाओं तक किया गया था। इसके तहत 528 मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित किए गए और 14,411 लखपति दीदी तैयार की गई हैं। आगामी 3 साल में 11.27 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया था। एक बार फिर इस योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है। 11. नए जिलों में खुलेंगे महिला अधिकारिता के ऑफिस
नए जिलों के गठन के दौरान कई प्रमुख विभागों के दफ्तर खोले जाने की घोषणा की गई थी। इसमें महिला अधिकारिता शामिल नहीं था। ऐसे में अब नए जिलों में महिला अधिकारिता विभाग के दफ्तर खोले जाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इस बजट में इनकी घोषणा होने की पूरी संभावना है। 12. पशुपालन और कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
पशुपालन और कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का खासा जोर है। माना जा रहा है इसके लिए 11 लाख से अधिक परिवारों को पशुपालन और कृषि गतिविधियों में शामिल किए जाने का लक्ष्य इस बजट में रखा जाएगा। अब तक ये लक्ष्य 9 लाख था। वहीं 2.73 लाख परिवारों को एग्री न्यूट्री गार्डन गतिविधि से जोड़ा गया है। अब इनकी संख्या में भी इजाफा किया जा सकता है। 13. महिलाओं को सुरक्षा के लिए ‘महिला मित्र’
राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार सहायता के लिए ‘महिला मित्र’ बनाने की भी पहल की जा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग इस योजना के तहत न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसर भी प्रदान करने में मदद करेगा। इसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य सरकार इस पहल को लेकर आगामी बजट में घोषणा कर सकती है। बजट से महिलाओं को ये है आस
महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा- महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है। प्रदेश में महिलाओं के लिए चलाई जा रही पैनिक बटन की सुविधा सुचारू रूप से नहीं चल रही है। इस बार बजट में इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। पैनिक बटन की सुविधा का विस्तार होना चाहिए, जिससे महिलाएं घर से बाहर निकलें तो खुद को और सुरक्षित महसूस कर सकें। मंगलम मेडिसिटी की डायरेक्टर नेहा गुप्ता कहती हैं- प्रदेश में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए सरकार को कुछ सख्त कदम उठाने चाहिए जैसे एक महिला सात साल से शादीशुदा हो, तो घर का मालिकाना हक स्वयं उसके नाम पर ट्रांसफर हो जाना चाहिए। साथ ही 50% से अधिक महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले फर्म को सब्सिडी/जीएसटी रिबेट दिया जाना चाहिए। यदि पार्टनरशिप फर्म में एक भी महिला हो तो लोन इंटरेस्ट या सब्सिडी होनी चाहिए। फोर्टी की पूर्व अध्यक्ष सुनीता शर्मा कहती हैं- सरकार महिलाओं के फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए टैक्स फ्री महिला सेविंग स्कीम का अनाउंसमेंट करे। अगर संभव हो तो महिलाओं को सेविंग पर हायर इंटरेस्ट रेट दिया जाए। साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी को बढ़ावा देने के लिए स्कूल और कॉलेज के सिलेबस में अनिवार्य फाइनेंशियल एजुकेशन लागू करनी चाहिए, जिसमें बैंकिंग, नेट बैंकिंग, इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस जैसे सब्जेक्ट का ज्ञान हो। महिलाओं को एक साल में अब तक क्या मिला?
राजस्थान सरकार ने महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की थी। आइए जानते हैं कि अब तक महिलाओं को बजट से क्या मिला… प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
इस योजना के तहत अब तक 4.86 लाख लाभार्थियों को 195.44 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 5000 रुपए से बढ़ाकर 6500 रुपए कर दिया है। इसी में दिव्यांग गर्भवती महिलाओं के लिए यह राशि 10,000 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं मातृत्व पोषण योजना के तहत 3.75 लाख गर्भवती महिलाओं को 135 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। महिलाओं को सस्ती रसोई गैस
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य की 1.22 करोड़ महिलाओं एवं बालिकाओं को हर महीने 12 मुफ्त सैनिटरी नैपकिन दिए जा रहे हैं। महिला सुरक्षा पर उठाए कदम
महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार सख्त कदम उठाने की बात कह चुके है। प्रदेश में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों द्वारा 41 पुलिस जिलों में 246 चयनित पुलिस थानों में 29,006 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। सखी केंद्रों के माध्यम से 7,347 महिलाओं को सहायता दी गई है। वहीं महिला हेल्पलाइन (181) के माध्यम से 10,716 मामलों में सहायता दी गई है। महिला शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाएं
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीते एक साल में गार्गी पुरस्कार योजना से 92,086 बालिकाओं को 27.62 करोड़ रुपए का लाभ दिया गया। वहीं इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना के तहत 1,238 बालिकाओं को 10.16 करोड़ रुपए दिए गए। इसी के साथ 8.51 लाख छात्राओं को साइकिल वितरित की गईं। इस बार बजट में बालिका शिक्षा पर फोकस रहेगा। महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत अब तक 3006 करोड़ रुपए व्यय कर 18.04 लाख महिलाओं को पेंशन का लाभ दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 4,359 कन्याओं को विवाह सहायता के रूप में 54.58 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। सरकार ने 40,651 स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते खोले हैं।

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