आयुष्मान योजना पर मेडिकल माफिया का कब्जा:इलाज के नाम पर मरीजों की जान का सौदा, एक करोड़ दो और अस्पताल खोल लो

मप्र में केंद्र की आयुष्मान योजना मेडिकल माफिया के कब्जे में है। प्राइवेट अस्पतालों को योजना में इमपेनल्ड कराने के लिए माफिया के लोग डॉक्टरों को 2 से तीन लाख रुपए किराया देकर उनका नाम अपने अस्पताल में स्पेशलिस्ट के तौर पर दर्ज कराते हैं। हकीकत में वो मरीजों का इलाज नहीं करते। मरीजों को अस्पताल में लाने के एवज में भी कमीशन का खेल चलता है। इस पूरे खेल में सरकारी अफसरों की भी मिली भगत है। कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नर्सिंग होम का लाइसेंस लिया जाता है? कैसे आयुष्मान भारत योजना में नाम दर्ज कराया जाता है और फिर कैसे दलालों की पूरी टीम अस्पतालों में मरीज भरने का काम करती है? देखिए और पढ़िए मेडिकल माफिया का खुलासा सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर।

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