26 जनवरी को जब पूरा देश संविधान लागू होने का दिन यानी गणतंत्र दिवस मना रहा था, उसी दिन इसी तंत्र के बीच हमारे बच्चों को किताबें फाड़कर उनके पन्नों पर खाना खिलाया गया। इससे पहले श्योपुर
नवंबर 2025 में श्योपुर जिले में भी बच्चों को कागज पर खाना परोसा गया था। यानी ये भूल नहीं, बल्कि सिस्टम की आदत बन चुकी है।


