शहरों में कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन अब महंगा पड़ेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चेतावनी दी है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 तोड़ने पर नगर निगमों पर हर महीने 10 लाख रुपए तक का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जाएगा। जिम्मेदार निगम आयुक्त की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज की जाएगी। भोपाल से जुड़ी याचिका पर एनजीटी ने यह आदेश पूरे मध्यप्रदेश के लिए लागू किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी 2026 को होगी। याचिका में कलियासोत और ग्रीन बेल्ट में कचरा, ट्रांसफर स्टेशन बनाने और आदमपुर खंती में लिगेसी वेस्ट डंपिंग का मुद्दा उठाया गया। इसे सेंट्रल जोन बेंच को सौंपा गया है। संक्रमण बढ़ रहा, फंड की कमी स्वीकार्य नहीं ट्रिब्यूनल ने कहा कि खुले में कचरे से हवा, पानी और मिट्टी प्रदूषित हो रही है। यह संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। इसके लिए फंड की कमी स्वीकार्य नहीं है।


