इंदौर में प्रदूषित पानी से 20 मौतों के बाद भी जल सुनवाई के नाम पर भोपाल में छलावा हो रहा है। भास्कर टीम ने एक बार फिर जल सुनवाई का रियलिटी चेक किया। नाले का पानी देकर शुद्धता की जांच कराई। कहीं टाइम कीपर, प्यून तो कहीं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पानी की जांच करते मिले। सभी जगह सेकंडों की जांच में कर्मचारियों ने इस पानी को पीने लायक बता दिया। वार्ड 44 सूंघकर बता दिया, पानी सही
टाइम कीपर वरुण विजयवर्गीय और श्रमिक लक्ष्मीनारायण जांच कर रहे थे। स्थानीय निवासी अब्दुल हसीम गंदा पानी लेकर पहुंचे। बदबू की शिकायत की, लेकिन क्लोरीन टेस्ट किया और सूंघकर पानी को सही बता दिया गया। वार्ड 60 शुद्ध, पर खुद पीने से इनकार
सुपरवाइजर अजय पटेल और राजकुमार ने वार्ड 70 से लाए गए नाली के पानी को शुद्ध घोषित कर दिया। उन्हें बताया कि यह नाली का पानी है, तो वे असहज हो गए। टीम ने पूछा कि पानी शुद्ध है तो पीकर दिखाएं, दोनों ने इंकार कर दिया। वार्ड 70 दो बूंद दवा से कर दी जांच
भास्कर रिपोर्टर ने यहीं बह रही नाली से पानी लेकर जांच कराई। 10 एमएल पानी में केमिकल की दो बूंद डालकर 15 सेकंड में रिपोर्ट दे दी गई और पानी को पीने लायक बता दिया गया। दो अन्य जगह भी इस पानी को सही बताया गया। 11 टेस्ट के आदेश, लेकिन अमल नहीं… सीएम के निर्देश पर जल सुनवाई में 11 सामान्य और 3 अतिरिक्त पैरामीटर पर जांच के आदेश हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ क्लोरीन की ही जांच कर पानी शुद्ध बताया जा रहा है। इंजीनियर बोले- यह तरीका ठीक नहीं… नाले के पानी को ठीक बताने के सवाल पर निगम के सुपरीटेंडेंड इंजीनियर उदित गर्ग का कहना है कि नाले के पानी की जांच कराना ठीक नहीं है। हालांकि, जांच के तरीके को भी उन्होंने गलत बताया। दावा… जांच में सभी सैंपल पास इधर… नर्मदा लाइन से घरों में नाले जैसे पानी की शिकायतें यह पानी वार्ड 7 स्थित बीडीए कॉलोनी कोहेफिजा के घर का है। यहां रहने वाले अंकित के घर में मंगलवार को हुई आपूर्ति से ऐसा गंदा पानी आया। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से इसकी शिकायत कर रहे हैं। नगर निगम में शिकायत क्रमांक 417666 दर्ज भी है, लेकिन आपूर्ति वैसी ही हो रही है। हालांकि, निगम की टीम मंगलवार को पहुंची और समस्या ठीक करने का दावा किया। नगर निगम की जल सुनवाई में 85 वार्डों में 42 लोगों ने पानी का टेस्ट कराया। हालांकि, निगम ने सभी को पास बताया। यह जरूर माना कि घरों में गंदा पानी आने की पांच शिकायतें पहुंची हैं। टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी कि आखिर इसका कारण क्या है। निगम के अफसर ये दावा कर रहे हैं कि शहर के विभिन्न इलाकों में पीने का पानी साफ पहुंचे। इसके लिए इंजीनियरों की टीम निगरानी कर रही है।


