लोकायुक्त के छापों के बाद चर्चा में आए पीडब्ल्यूडी के पूर्व इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) जीपी मेहरा पर विभाग की मेहरबानी जारी है। मेहरा के सोहागपुर स्थित कस्तूरी फार्म हाउस की जांच में सामने आया था कि यहां सरकारी खर्च से सड़क बनाई गई। मामले में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन ईई संजय रायकवार, एसडीओ दीपक पाठक और सब इंजीनियर आरपी शर्मा को सस्पेंड किया गया था। कार्रवाई के बाद भी फार्म हाउस के अंदर 164 मीटर लंबी व 3 मीटर चौड़ी डामर सड़क बना दी गई है। यह सड़क पहले से बनी 350 मीटर सीमेंटेड सड़क से जुड़ी है। नई सड़क फार्म हाउस की निजी जमीन पर बनाई गई है। यह जमीन न तो पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई है, न नामांतरण राजस्व रिकॉर्ड में है। गौरतलब है कि 2022-23 के पीडब्ल्यूडी प्रस्ताव में सड़क को फार्म हाउस के बाहर, बाउंड्रीवॉल से सटकर बनाने की मंजूरी दी गई थी। इसके बावजूद अलाइनमेंट बदलकर सड़क फार्म हाउस के अंदर बनाई गई थी। इसी वजह से अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। अब उसी सड़क को आगे बढ़ाकर नई डामर सड़क बना दी गई है। यह मामला एक बड़े सड़क प्रोजेक्ट से भी जुड़ा है। पीडब्ल्यूडी ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) योजना के तहत सेमरी हरचंद से गजनई पुल तक 29.80 किमी सड़क निर्माण को मंजूरी दी थी। इसकी शुरुआती लागत 139.47 करोड़ रुपए थी। बाद में इसमें 1305 मीटर अतिरिक्त सड़कें जोड़ दी गईं। इससे कुल लागत 156.89 करोड़ रुपए हो गई। इन अतिरिक्त सड़कों में कस्तूरी फार्म हाउस तक पहुंचने वाली सड़कें भी शामिल हैं। एसई बोले-अधूरी सड़क पूरी की
ईई बोले- ये हमने नहीं बनाई


