MPPSC; डॉक्टर भर्ती में PG एडिशनल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं:कट ऑफ तारीख से पहले PG डिग्री प्राप्त करने वालों को प्रक्रिया में करें शामिल: हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के तहत मेडिकल ऑफिसर्स और एक्सपर्ट डॉक्टर्स की भर्ती से जुड़े मामलों में इंदौर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने इस मामले में लगी अलग-अलग रिट याचिकाओं पर एक साथ फैसला देते हुए सैकड़ों योग्य डॉक्टरों को बड़ी राहत प्रदान की है। इन सभी मामलों में याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट तुषार सोडानी ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि भर्ती विज्ञापन में पोस्ट ग्रेजुएट एडिशनल रजिस्ट्रेशन को कहीं भी अनिवार्य योग्यता घोषित नहीं किया गया था। इसके बावजूद इसी आधार पर उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का स्पष्ट उल्लंघन है। कोर्ट ने एडवोकेट सोडानी की दलीलों से सहमत होते हुए कहा कि एडिशनल रजिस्ट्रेशन केवल वांछनीय योग्यता है न कि अनिवार्य। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नई शर्त लागू करना “खेल के नियम बदलने” के समान है, जो कानूनन अस्वीकार्य है। कोर्ट ने MPPSC और राज्य शासन को निर्देश दिए कि जिन अभ्यर्थियों ने कट ऑफ तिथि से पहले पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त कर ली थी, उनकी उम्मीदवारी केवल एडिशनल रजिस्ट्रेशन के आधार पर रद्द न की जाए और उन्हें फिर भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएं। इस फैसले से योग्य डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है। वे डॉक्टर्स जिन्होंने कट ऑफ तारीख से पहले PG डिग्री प्राप्त कर ली थी वे फिर से भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में MPPSC के खिलाफ आंदोलन इंदौर में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के सामने अभ्यर्थियों ने एक बार फिर शनिवार देर रात से आंदोलन शुरू कर दिया है। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के नेतृत्व में आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया जा रहा है। 10 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अगले चार दिन तक जारी रहेगा।पूरी खबर पढ़ें

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