झांसी में कांग्रेस को खत्म करने का काम पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य कर रहे हैं। लेकिन मैं संगठन का कार्यकर्ता हूं, सिपाही हूं और किसी भी हाल में ऐसा नहीं होने दूंगा। वह बार बार मेरा अपमान भी इसी लिए कर रहे हैं कि मैं उनके दबाब में आ जाऊं। मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर बताया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य झांसी में भाजपा की बी टीम बनकर काम कर रहे हैं और मैं उनकी जी हुजूरी नहीं कर रहा तो मुझे अपमानित किया जा रहा है। पार्टी ने मुझे जो सम्मान दिया है तो मैं कांग्रेस को झांसी में डूबने नहीं दूंगा। और जो संगठन के खिलाफ काम करेगा उसकी ईंट से ईंट बजा दूंगा। ये बातें झांसी में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : आपका एक पत्र सामने आया है, जिसमें आपने पूर्व मंत्री और नगर अध्यक्ष की शिकायत केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसकी क्या वजह रही? देशराज रिछारिया : देखिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने संविधान बचाओ, दलित बचाओ, पिछड़े और शोषित-वंचित बचाओ मिशन के तहत मुझे झांसी जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। मैंने पूरी ईमानदारी से संगठन खड़ा किया। मंडलों में बैठकें होती थीं, काम ठीक चल रहा था। लेकिन पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य हमारे कार्यकर्ताओं को फोन कर बैठकों में न जाने के लिए कहते थे। यह देखकर और सुनकर मुझे गहरी पीड़ा हुई। सवाल : आपने पत्र में पूर्व मंत्री के घर हुई एक बैठक का भी जिक्र किया है। मामला क्या था? देशराज रिछारिया : 13 दिसंबर 2025 को पूर्व मंत्री का फोन आया। कहा कि दिल्ली में होने वाली बैठक को लेकर बात करनी है। उन्होंने बताया कि मनोज गुप्ता (महानगर अध्यक्ष) भी वहां होंगे। जब मैं उनके घर पहुंचा तो मनोज गुप्ता, अमीरचंद आर्य और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। रैली में खर्च को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान महानगर अध्यक्ष ने जातिसूचक टिप्पणी कर दी। मैंने तत्काल आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की भाषा समाज में गलत संदेश देती है, लेकिन मेरी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। सवाल : मनरेगा विरोध प्रदर्शन के दिन क्या हुआ था? देशराज रिछारिया : पार्टी आलाकमान के निर्देश थे कि मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में कार्यक्रम किया जाए। मैंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाया। लेकिन वहां भी पूर्व मंत्री ने मेरी पूरी तरह अवहेलना की। उन्होंने खुद मीडिया को बाइट दी और मुझे एक भी बाइट नहीं देने दी गई। यह अपमान मैं चुपचाप सहता रहा। सवाल : आपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी की मौजूदगी में भी अपमान की बात कही है। देशराज रिछारिया : 12 जनवरी को प्रियंका गांधी के जन्मदिन का कार्यक्रम एक मैरिज गार्डन में था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी भी मौजूद थे। इसके बावजूद पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कार्यक्रम को कमजोर करने का काम किया। महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता कार्यक्रम में आए ही नहीं। सवाल : आपने पूर्व मंत्री पर भाजपा की ‘बी टीम’ की तरह काम करने का आरोप लगाया है। इसका आधार क्या है? देशराज रिछारिया : हाल ही में झांसी बार संघ के चुनाव हुए। उसमें अध्यक्ष बने एडवोकेट प्रमोद शिवहरे भाजपा के उम्मीदवार थे। भाजपा ने उन्हें चुनाव लड़ाया था। पूर्व मंत्री कांग्रेस कार्यालय में भाजपा उम्मीदवार का सम्मान कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष चुनाव लड़ रहे थे, उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला। ऐसे में अगर कांग्रेस नेता भाजपा उम्मीदवार का सम्मान करें, तो इसे बी टीम नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे? इसी पीड़ा के चलते मैंने नेतृत्व को पत्र लिखा। सवाल: अब आगे आपकी रणनीति क्या होगी? देशराज रिछारिया : मैं संगठन के प्रति पूरी तरह वफादार रहूंगा। संगठन को कमजोर करने वालों से खुलकर लड़ूंगा। जो जहर उगलेगा, उसका राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाएगा। सवाल : पूर्व मंत्री का कहना है कि आपको टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। देशराज रिछारिया : मुझे कौन टूल बनाएगा? मैं वकील हूं। मैं संगठन के लिए काम करने आया हूं। जो संगठन के खिलाफ जाएगा, उसकी ईंट से ईंट बजा दूंगा। कांग्रेस को बर्बाद नहीं होने दूंगा। सवाल: गणतंत्र दिवस पर आपकी गैरमौजूदगी में ध्वजारोहण क्यों हुआ? देशराज रिछारिया : हर साल दो जगह ध्वजारोहण होता है—मिनर्वा पर और कांग्रेस कार्यालय में। मिनर्वा पर 10 बजे का समय तय था। मैंने फोन पर कहा था कि मैं समय से पहुंच जाऊंगा। लेकिन जब मैं 9:45 बजे पहुंचा, तो 9:30 बजे ही पूर्व मंत्री ने ध्वजारोहण कर दिया था। इसके बाद मैंने जिला कार्यालय में ध्वजारोहण किया। सवाल : आपको बार-बार अपमानित क्यों किया जा रहा है? देशराज रिछारिया : क्योंकि मैं उनकी जी-हुजूरी नहीं कर रहा। उनके नेतृत्व में 11 चुनाव हारे गए। झांसी में कांग्रेस को कमजोर करने में सबसे बड़ा योगदान उन्हीं का रहा है। लेकिन मैं कांग्रेस को खत्म नहीं होने दूंगा। दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को जोड़कर संगठन को मजबूत करूंगा। हर कार्यकर्ता की लड़ाई लड़ूंगा। सवाल : आपने कहा कि 11 चुनाव हारे गए, क्या पार्टी ने कभी इसका संज्ञान नहीं लिया? देशराज रिछारिया : अब तक कोई खुलकर लड़ने वाला नहीं था। बड़े-बड़े मठाधीश थे, लोग डर जाते थे। मैं न डरूंगा, न झुकूंगा। संगठन की लड़ाई पूरी ताकत से लडूंगा और कांग्रेस को आगे बढ़ाऊंगा।


