एलडीसी व बेटे ने मिलकर जिला परिषद में अधिकारी को पीटा

भास्कर न्यूज | अलवर जिला परिषद कार्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार सैनी के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मुंडावर पंचायत समिति में कार्यरत एलडीसी नाहर सिंह यादव और उसके बेटे मनीष यादव ने मिलकर वेतन भुगतान से जुड़ी पत्रावली के निस्तारण को लेकर अधिकारी पर लात-घूंसे बरसाए। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय में मौजूद कर्मचारी स्तब्ध रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार सैनी अपने कार्यालय में डीलिंग बाबू नेतराम के साथ बैठे थे। इसी दौरान एलडीसी नाहर सिंह यादव अपने बेटे मनीष के साथ कार्यालय में पहुंचा और वेतन भुगतान से संबंधित फाइल को लेकर चर्चा करने लगा। बातचीत के दौरान सैनी ने एलडीसी को सीईओ से मिलने की बात कही और कहा कि फाइल उनके संज्ञान में नहीं है। इसी बात पर नाहर सिंह और उसका बेटा भड़क गए और दोनों ने मिलकर अधिकारी पर हमला कर दिया। हमले में सैनी के सिर, मुंह और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि मारपीट के दौरान कुछ देर के लिए उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बीच-बचाव कर दोनों आरोपियों को अलग किया। इसके बाद घायल अधिकारी को तुरंत सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई। घटना की सूचना मिलते ही अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एलडीसी नाहर सिंह यादव व उसके बेटे को हिरासत में लेकर थाने ले गई। थाना इंचार्ज रामेश्वर लाल ने बताया कि आरोपी मनीष यादव निवासी कोटकासिम को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं देर शाम राजकार्य में बाधा और नुकीले हथियार से हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। लिपिक नाहर सिंह यादव पहले पंचायत समिति कोटकासिम में कार्यरत थे, जहां वह अक्सर ड्यूटी पर अपने बेटे को साथ लाते थे। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन देकर उसे हटाने की मांग की थी। बाद में उसका तबादला तिजारा पंचायत समिति हुआ, जहां भी इसी तरह की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद उसे एपीओ कर जिला परिषद खैरथल-तिजारा लगाया गया, लेकिन वहां भी कर्मचारियों के विरोध के चलते हटाना पड़ा। करीब 10 दिन पहले ही उसे मुंडावर पंचायत समिति में लगाया गया था। मंगलवार को भी वह अपने बेटे के साथ ही जिला परिषद पहुंचा था, जहां यह गंभीर घटना हुई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *