टीकमगढ़ के नजरबाग मंदिर में बसंत पंचमी के मौके पर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह महोत्सव की शुरुआत हुई। सोमवार रात को पंडित गोविंद वल्लभ द्विवेदी ने विधि-विधान से लग्न पत्रिका का पाठ किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर के पुजारी सुरेंद्र मोहन द्विवेदी ने बताया कि यह परंपरा पिछले 40 सालों से चली आ रही है। इस अवसर पर भगवान शिव की प्राचीन प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया और महिलाओं ने बुंदेली भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पहले दिन गणेश पूजन होगा, दूसरे दिन विवाह मंडप सजाया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की बारात निकाली जाएगी। बारात नगर भ्रमण के बाद मंदिर में समाप्त होगी, जहां शिव-पार्वती विवाह की सभी रस्में संपन्न होंगी। कार्यक्रम के दौरान देर रात तक भजन संध्या का आयोजन चलेगा।


