जयपुर से करौली जिले को सीधे जोड़ने वाली बरौनी–कुड़गांव सड़क योजना हकीकत बनने से पहले ही गड्ढों में दफन होती नजर आ रही है। पांच साल पहले करोड़ों रुपए स्वीकृत होने के बावजूद सड़क का काम अब तक आधा भी पूरा नहीं हो सका है। हालात ऐसे हैं कि तय समय 2024 निकल जाने के बाद भी यह मार्ग अधूरा पड़ा है। 2021 में मंजूरी, 2024 में पूरा होना था काम जयपुर से करौली की सीधी कनेक्टिविटी के लिए टोंक जिले के बरौनी से चौथ का बरवाड़ा, शिवाड़, सवाई माधोपुर होते हुए करौली जिले के कुड़गांव रोड तक करीब 110 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी थी।इस परियोजना के लिए साल 2021 में सरकार ने 92 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। योजना के अनुसार सड़क का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन आज स्थिति यह है कि कई हिस्सों में सड़क का नामोनिशान तक नजर नहीं आता। गड्ढे, उड़ती मिट्टी और अधूरा निर्माण सड़क अधूरी होने के कारण जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कच्चे हिस्सों में मिट्टी उड़ने से वाहन चालकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।कई स्थानों पर निर्माण सामग्री सड़क किनारे पड़ी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।टोंक जिले के ऐचेर गांव में कीचड़ के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। धार्मिक पर्यटन को भी झटका इस सड़क के बन जाने से जयपुर और सवाई माधोपुर से करौली जिले की सीधी कनेक्टिविटी मिलनी थी।साथ ही यह मार्ग घुश्मेश्वर महादेव मंदिर (शिवाड़), चौथ माता मंदिर (चौथ का बरवाड़ा), त्रिनेत्र गणेश मंदिर (सवाई माधोपुर) और करौली जिले के केला देवी मंदिर तक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ा सहारा बनता।लेकिन काम अधूरा रहने से धार्मिक पर्यटन को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। विभाग का तर्क – बजट की कमी बनी बाधा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है- बजट की कमी के कारण सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया है। बजट के लिए प्रयास जारी हैं। सवाई माधोपुर जिले में अधिकतर सड़क का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।


