अलीगढ़ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी देशव्यापी हड़ताल पर रहे। बिगड़ते मौसम और बारिश के बावजूद अलीगढ़ इकाई के धरना स्थल पर करीब 740 कर्मचारियों की मौजूदगी दर्ज की गई। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त बैंककर्मी भी आंदोलन में शामिल होकर समर्थन जताते नजर आए। ठप रहे वित्तीय कार्य हड़ताल का असर जिलेभर की बैंकिंग सेवाओं पर साफ दिखाई दिया। विभिन्न बैंकों में नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस, लोन प्रक्रिया और अन्य वित्तीय कार्य ठप रहे। अनुमान के मुताबिक अलीगढ़ जनपद में एक ही दिन में 250 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ, जिससे आम ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों को किया जा रहा गुमराह UFBU अलीगढ़ इकाई के प्रदीप चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार के अधीन वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा लंबे समय से 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और लागू होने योग्य निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठकों में सकारात्मक संकेत देकर कर्मचारियों को बार-बार गुमराह किया गया, जो विश्वासघात के समान है। ओपीएस लागू करने की मांग प्रदीप चौहान ने कहा कि बैंक कर्मचारी कोविड काल सहित हर संकट में देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। बावजूद उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने एनपीएस के स्थान पर सभी विभागों में ओपीएस लागू करने की मांग उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों की भविष्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते कार्यभार, स्टाफ की भारी कमी, लंबे कार्य घंटे, मानसिक तनाव और कार्य-जीवन संतुलन के अभाव को गंभीर समस्या बताया। चौहान के अनुसार, 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य और बेहतर ग्राहक सेवा के लिए अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। ये रहे मौजूद धरने में अतुल सिंह, सचिन शर्मा, अनिल, जितेंद्र शर्मा, पंकज, अश्वनी, गौरव शर्मा, मुस्तकीम, विवेक, राजेश सक्सेना, सुधीर सक्सेना, आरसी गुप्ता, रणजीत सिंह, आरके शर्मा, वीके मौर्य, विशाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।


