हरियाणा पुलिस के ASI की दबंगई:​​​​​​​62 साल के किसान को 27 सेकेंड में 9 बार धक्के मारे; बोला- मैं चेक लेकर आया हूं क्या

हरियाणा के झज्जर में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) विरोध से इस कदर गुस्साया कि 62 साल के बुजुर्ग किसान को धक्के मारते हुए खेत से बाहर ले गया। इस दौरान बुजुर्ग किसान के बेटे ने पीछे से वीडियो बना ली। 27 सेकेंड के इस वीडियो में ASI ने किसान को 9 बार धक्के मारे। इस दौरान किसान बार-बार कहते रहे कि धक्के मत मारो। इस पर ASI बोला कि मै चैक लेकर आया हूं क्या। दरअसल, यहां पावर ग्रिड की टीम उनके खेत में टावर लगा रही है। बुजुर्ग किसान के बेटे ने कहा कि पहले तो यहां जमीन का मार्केट रेट 2 से 3 करोड़ प्रति एकड़ है। पावर ग्रिड सिर्फ 45 से 50 लाख दे रही है। वहीं जिस दिन घटना हुई, उनके एक खेत में टावर लगाया जा रहा था। वहीं दूसरे खेत में गेहूं की फसल में उन्होंने पानी छोड़ दिया। जिसका विरोध करने के लिए किसान वहां पहुंचा था। किसान के बेटे ने इस बारे में DCP और डिप्टी कमिश्नर को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उसने कहा कि पगड़ी संभाल जट्‌टा संगठन की अगुआई में किसान लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। DCP बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने कहा कि शिकायत मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। धक्के मारते वक्त ASI और किसान के बीच क्या बात हुई… ASI: हां कोए ना करद् यांगे तू चाल ( तू चल, मैं वह काम कर दूंगा )
किसान: ना मैं उड़ै ए चालूंगा (नहीं, मैं वहीं चलूंगा ) ASI: कर द् यांगे चाल ईब ( गुस्से में किसान को धक्का मारते हुए- कर देंगे, चल अब)
किसान: धक्के मत मारे मेरै ( मुझे धक्का मत मारो ) ASI: चा..ल..(चल)
किसान: मैं उड़ै ए बैठ ज्यांगा (मैं वहीं पर बैठ जाउंगा ) ASI: धक्के खाण के काम करै है तू (किसान को जोर से कहा- तू धक्का खाने का काम कर रहा है।)
किसान: दूसरे का हल के करया ( दूसरे का क्या हल किया) ASI: दूसरे का हल के करया…. (किसान को चिढ़ाते हुए उनकी बात दोहराई)
किसान : दूसरे न भी छड़ो थाम ( दूसरे खेत की फसल को भी खराब कर रहे हो ) ASI: मैं आड़ै चैक ल्यारा हूं….चल्ल ( किसान को हड़काते हुए- मैं यहां चैक लेकर आया हूं क्या, चल)
किसान: न्यू धक्के मत मारे मेरै… ( मुझे ऐसे धक्के ना मारो ) ASI ने बुजुर्ग किसान को क्यों धक्के मारे, पूरा मामला जानिए… 1. बिना पूरा मुआवजा दिए खेत में टावर लगा रहे
खरहर गांव के सागर ने बताया कि झज्जर में पावर ग्रिड की ओर से खेतों में बड़े टावर लगाए जा रहे हैं। जिसके विरोध में किसान पहले से धरने पर बैठे हैं। टावर के एवज में उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। उनके गांव में भी 13 टावर लगाए जाने हैं। इनमें उनके खेत में भी जबरन टावर लगाया जा रहा है। 2. ढाई साल पहले फसल खराब की, उसका मुआवजा नहीं दिया
सागर ने कहा कि ढाई साल पहले भी उनके खेत में टावर लगाने का काम शुरू हुआ। तब उनकी फसल खराब कर दी गई। उस दौरान खराब की गई फसल का भी अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया। अब फिर से टावर लगाने के लिए जबरदस्ती की जा रही है। 3. एक खेत में टावर, दूसरे में फसल पर पानी छोड़ा
सागर ने कहा कि सोमवार को टावर लगाया जा रहा था तो मेरे पिता अशोक राठी भी वहां पहुंच गए। वह दूसरे खेत में डाले गए पानी के पाइप हटाने के लिए गए थे। दरअसल, उनके एक खेत में टावर लगाया जा रहा है तो उसके पानी को नहर में डालने के लिए दूसरे खेत से होते हुए पाइपें डाली गईं थी। जिससे उनकी गेहूं की फसल खराब हो रही थी। उसके पिता इसी का विरोध करने गए थे। 4. किसान पाइपें हटा रहा था, इससे ASI गुस्से में आया
उसके पिता वहां से पानी की पाइपें हटाने लगे। इस पर ASI रजनीश गुस्से में आ गया। वह उसके पिता को जबरन धक्का मारते हुए खेत से बाहर निकालने लगा। वह खेत से बाहर निकालने तक उसके पिता को धक्के मारता रहा। इस बारे में उसने DCP मयंक मिश्रा को मेल और डिप्टी कमिश्नर प्रदीप दहिया को शिकायत सौंपकर ASI पर FIR दर्ज करने की मांग की है।

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