जयपुर के महेश नगर क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर में हुई घटना के बाद कोटा में भी प्रशासन सतर्क हुआ है। नगर निगम की फायर टीम ने जवाहर नगर, दादाबाड़ी इलाके में संचालित कंपटीशन की कोचिंग करवाने वाले 10 से 12 कोचिंग सेंटर का सर्वे किया। मौके पर मिली कमियों को जल्द सुधार के निर्देश दिए। इस इलाके में छोटी-छोटी कोचिंग है। जहां पटवारी, रेलवे आईएएस, आईपीएस, रेलवे, पुलिस, के एग्जाम की कोचिंग करवाई जाती है। अधिकतर कोचिंग एक-दो मंजिला इमारतो में चलती है। चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास ने बताया कि जयपुर के महेश नगर में कोचिंग संस्थान में जहरीली गैस लीक होने से कोचिंग छात्रों के बेहोश होने की घटना के बाद जवाहर नगर दादाबाड़ी नाले के पास मौजूद ऐसे कोचिंग संस्थानों का सर्वे शुरू हुआ है। नगर निगम का अग्निशमन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। ऐसे कोचिंग जो नाले के पास मौजूद है ,और किसी तरह की कोई जहरीली गैस का रिसाव तो नहीं हो रहा। यहा मौजूद कोचिंग संस्थानों का सर्वे कर मौके पर कमियों के साथ कोचिंग संस्थानों को जल्द सुधार के निर्देश दिए है। दादाबाड़ी इलाके में नाले के पास कोचिंग संचालित है। इन कोचिंग संस्थानों के पास किसी प्रकार की फायर एनओसी नहीं है। और ना ही फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम है। अनियमिताओ को देखते हुए पहले भी इन सभी संस्थाओं को नोटिस भी जारी किए है। अब एक टीम द्वारा दोबारा से सर्वे किया जा रहा है। राकेश व्यास ने बताया कि तीन से चार महीने पहले बेसमेंट और अंडरग्राउंड में संचालित होने वाली कोचिंग और लाइब्रेरी को बंद करवाया था।


